
एक महिला IAS अधिकारी से जुड़ा एक दिलचस्प प्रशासनिक किस्सा इन दिनों चर्चा में है। बताया जा रहा है कि मैडम अपने विभाग से जुड़े एक काम के सिलसिले में एक वरिष्ठ अधिकारी के घर पहुंचीं। मुलाकात के दौरान बातचीत सामान्य रही, लेकिन जैसे ही वरिष्ठ अधिकारी कमरे से बाहर निकले, मैडम का मूड अचानक बदल गया। किसी बात को लेकर नाराज मैडम का पारा चढ़ गया और उन्होंने अपने ड्राइवर पंचू के साथ-साथ अपने प्रिय बाबू को भी तुरंत तलब कर लिया। इसके बाद कार्यालयीन कामकाज को लेकर बाबू की जमकर क्लास लगाई गई।
बताया जाता है कि गुस्से में मैडम ने बाबू को वहां से वापस सामान्य प्रशासन विभाग में भेजने तक का फैसला कर दिया। आदेश निकलने की बात सामने आते ही प्रशासनिक अमले ने भी उस पर कार्रवाई शुरू कर दी। हालांकि, मामला यहीं खत्म नहीं हुआ। सरकारी दफ्तरों की कार्यशैली और अनुभव की बारीकियों को समझने वाले कर्मचारियों की तरह इस पूरे घटनाक्रम ने जल्द ही नया मोड़ ले लिया। कुछ देर बाद जब मैडम का गुस्सा शांत हुआ तो उसी बाबू को दोबारा बुलाया गया।
दूसरी बार बातचीत का अंदाज पूरी तरह बदला हुआ था। अब सख्त फटकार की जगह मैडम ने बाबू को समझाइश दी कि काम को ध्यान से किया जाए और आगे से किसी तरह की गड़बड़ी नहीं होनी चाहिए। इसके साथ ही बाबू को वापस भेजने का जो फैसला कुछ समय पहले लिया गया था, वह भी ठंडे बस्ते में चला गया। आखिरकार मामला फिर पहले जैसा हो गया। प्रशासनिक गलियारों में यह पूरा घटनाक्रम चर्चा का विषय बना हुआ है, जहां पहले गुस्सा, फिर कार्रवाई और बाद में समझाइश के बाद स्थिति सामान्य होने की कहानी सुनाई जा रही है।
- ias-madam-priya-babu-reprimand-order-controversy-news






