
सार
सिकंदर विराट|जबलपुर। आधारताल क्षेत्र स्थित ‘गोल्डन ब्रॉयलर्स’ को लेकर सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो से विवाद खड़ा हो गया है। वीडियो में दुकान पर कथित तौर पर मरे हुए मुर्गों को बेचने का दावा किया गया। हालांकि, दुकान प्रतिनिधियों और पोल्ट्री एसोसिएशन ने इन आरोपों को गलत बताया है। उनका कहना है कि बड़ी संख्या में मुर्गियां आने पर कुछ की स्वाभाविक मौत हो सकती है और ऐसे मुर्गों को बिक्री से अलग कर दिया जाता है। वहीं पुलिस के अनुसार, प्रथम दृष्टया विवाद पार्किंग और कथित अवैध वसूली/चंदे की रंजिश से जुड़ा नजर आ रहा है। मामले की जांच जारी है।
विस्तार
जबलपुर। आधारताल क्षेत्र की ‘गोल्डन ब्रॉयलर्स’ दुकान को लेकर सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो ने विवाद खड़ा कर दिया है। वीडियो में दावा किया गया कि दुकान पर मरे हुए मुर्गों को काटकर बेचा जा रहा है। वीडियो सामने आने के बाद मामले को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं।
हालांकि, दुकान के प्रतिनिधियों और पोल्ट्री एसोसिएशन ने वायरल वीडियो में किए गए दावों को पूरी तरह खारिज किया है। उनका कहना है कि वीडियो के आधार पर दुकान की छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है। दुकान प्रतिनिधियों के मुताबिक, रक्षाबंधन और सावन का समय समाप्त होने के बाद थोक में करीब 1500 से 2000 मुर्गियां लाई जाती हैं। इतनी बड़ी संख्या में पक्षियों के परिवहन और रखरखाव के दौरान कुछ मुर्गियों की स्वाभाविक मौत हो जाना संभव है। उनका दावा है कि ऐसी मृत मुर्गियों को तुरंत अलग कर दिया जाता है और उन्हें बिक्री के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाता।
50 साल पुराने कारोबार को बदनाम करने का आरोप
प्रतिनिधियों का कहना है कि ‘गोल्डन ब्रॉयलर्स’ का कारोबार करीब 50 वर्षों से संचालित हो रहा है और इसकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से कथित तौर पर अफवाह फैलाई गई है।
फीनिक्स पोल्ट्री जबलपुर के महाप्रबंधक डॉ. एस. एस. मिश्रा ने मीडिया से बातचीत में वायरल वीडियो और पूरे विवाद को साजिश बताया। उन्होंने कहा कि दुकान में सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं और किसी भी मरे हुए मुर्गे की कटाई या बिक्री का दावा जांच के जरिए स्पष्ट किया जा सकता है।
डॉ. मिश्रा के मुताबिक, वास्तविक विवाद कथित तौर पर पार्किंग और कुछ लोगों द्वारा अवैध चंदा या वसूली के लिए दबाव बनाने से शुरू हुआ था। उनका आरोप है कि मांग पूरी नहीं होने के बाद दुकान में तोड़फोड़ और धमकी की घटनाएं हुईं और बाद में भ्रामक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किया गया।
पुलिस में शिकायत, जांच शुरू
मामले में दुकान के प्रोपराइटर असफाक खान और उनके प्रतिनिधिमंडल की ओर से पुलिस के समक्ष शिकायत दर्ज कराई गई है। पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जांच में विवाद के पीछे पार्किंग और कथित अवैध वसूली या चंदे को लेकर रंजिश की बात सामने आ रही है। हालांकि, पुलिस ने किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पूरे मामले की जांच की बात कही है।
पुलिस सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो की भी जांच कर रही है। वीडियो किस परिस्थिति में बनाया गया, उसमें किए गए दावे कितने सही हैं और क्या किसी व्यक्ति ने जानबूझकर गलत जानकारी फैलाकर दुकान की छवि खराब करने का प्रयास किया इन सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
वायरल वीडियो की होगी जांच
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर किसी वीडियो के वायरल होने मात्र से उसमें किए गए दावों को सही नहीं माना जा सकता। मामले की वास्तविकता जांच के बाद ही सामने आएगी। यदि जांच में दुकान में तोड़फोड़, धमकी, झूठी अफवाह फैलाने या जानबूझकर प्रतिष्ठा खराब करने के आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
वहीं यदि खाद्य सामग्री की गुणवत्ता से जुड़े आरोपों में कोई तथ्य सामने आता है तो संबंधित विभाग द्वारा नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
कारोबारियों ने भी जताई चिंता
पोल्ट्री कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि जबलपुर देश की प्रमुख पोल्ट्री मंडियों में शामिल है और इस तरह के आरोपों का असर पूरे कारोबार की छवि पर पड़ सकता है। उनका कहना है कि किसी भी खाद्य उत्पाद की गुणवत्ता को लेकर शिकायत है तो उसका समाधान वैज्ञानिक जांच और अधिकृत विभागीय कार्रवाई के जरिए होना चाहिए, न कि अपुष्ट वीडियो वायरल करके।
फिलहाल ‘गोल्डन ब्रॉयलर्स’ विवाद में सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और दुकान प्रतिनिधियों के दावों के बीच सच्चाई पुलिस जांच के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
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