
30 सितंबर 2026 को आश्विन कृष्ण पक्ष की चतुर्थी दोपहर 2:55 बजे तक रहेगी, इसके बाद पंचमी शुरू होगी। आज चतुर्थी और पंचमी दोनों का श्राद्ध किया जाएगा।
30 सितंबर 2026, बुधवार को पितृ पक्ष का महत्वपूर्ण दिन है। आज चतुर्थी तिथि दोपहर 2:55 बजे तक रहेगी और इसके बाद पंचमी तिथि शुरू हो जाएगी। पंचांग के अनुसार आज दोनों तिथियों का श्राद्ध किया जाएगा। श्राद्ध कर्म के लिए अपराह्न काल को विशेष महत्व दिया जाता है।
30 सितंबर का पंचांग और तिथि
आज सूर्योदय सुबह 6:13 बजे होगा। भरणी नक्षत्र सुबह 7:36 बजे तक रहेगा। इसके बाद कृत्तिका नक्षत्र शुरू होगा और सर्वार्थ सिद्धि योग भी सुबह 7:36 बजे से शुरू होकर 1 अक्टूबर की सुबह तक रहेगा।
चंद्रमा दोपहर 1:13 बजे तक मेष राशि में रहेगा और इसके बाद वृषभ राशि में प्रवेश करेगा। आज अभिजीत मुहूर्त नहीं है। वहीं विजय मुहूर्त दोपहर 2:10 से 2:58 बजे तक रहेगा।
प्रमुख समय
- चतुर्थी तिथि: दोपहर 2:55 बजे तक
- पंचमी तिथि: दोपहर 2:55 बजे से
- भरणी नक्षत्र: सुबह 7:36 बजे तक
- सर्वार्थ सिद्धि योग: सुबह 7:36 बजे से
- चंद्रमा: दोपहर 1:13 बजे तक मेष, फिर वृषभ
- राहुकाल: दोपहर 12:11 से 1:40 बजे तक
- विजय मुहूर्त: दोपहर 2:10 से 2:58 बजे तक
चतुर्थी और पंचमी श्राद्ध आज ही क्यों?
30 सितंबर को चतुर्थी दोपहर 2:55 बजे तक है। इसलिए जिन पितरों की मृत्यु चतुर्थी तिथि में हुई थी, उनका श्राद्ध इसी दिन किया जाएगा। वहीं पंचमी तिथि 30 सितंबर को 2:55 बजे शुरू होकर 1 अक्टूबर की दोपहर तक रहेगी। लेकिन 1 अक्टूबर को पंचमी मुख्य अपराह्न काल में मौजूद नहीं होगी। इसी वजह से पंचमी श्राद्ध भी 30 सितंबर को ही रखा गया है।
आसान भाषा में समझें तो चतुर्थी वाले पितरों का श्राद्ध चतुर्थी रहने के दौरान और पंचमी वाले पितरों का श्राद्ध पंचमी शुरू होने के बाद किया जा सकता है। पंचमी श्राद्ध को कई स्थानों पर कुंवारा पंचमी भी कहा जाता है। श्राद्ध कर्म के समय और विधि में स्थानीय पंचांग तथा परंपरा के अनुसार अंतर हो सकता है। इसलिए कर्मकांड के लिए स्थानीय पंडित या विद्वान से समय की पुष्टि करना उचित रहेगा।
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