
टीकमगढ़, 30 सितंबर 2026। जिले की शासकीय उचित मूल्य दुकानों में खाद्यान्न वितरण और स्टॉक में अनियमितता मिलने के बाद प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय के निर्देश पर खाद्य विभाग की जांच के आधार पर तीन राशन दुकानों से जुड़े समिति प्रबंधकों, विक्रेताओं और सहायक विक्रेताओं के खिलाफ पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई गई है। जिला प्रशासन की वेबसाइट पर विवेक श्रोत्रिय को टीकमगढ़ का कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी बताया गया है।
तीन दुकानों में मिला बड़ा स्टॉक अंतर
कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी ललित मेहरा की जांच रिपोर्ट के अनुसार रमपुरा उर्फ निवावरी की राशन दुकान में 34.29 क्विंटल गेहूं और 0.23 क्विंटल चावल कम पाया गया। वहीं फतेह का खिरक उचित मूल्य दुकान के भौतिक सत्यापन में 48.92 क्विंटल गेहूं और 11.36 क्विंटल चावल का अंतर मिला। इसके अलावा 20 किलो शक्कर और 93 किलो नमक भी कम पाया गया। जांच में खाद्यान्न वितरण की निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किए जाने की बात सामने आई।
सबसे अधिक अंतर लक्ष्मनपुरा राशन दुकान में मिला। यहां जांच के दौरान 125.81 क्विंटल गेहूं और 122.16 क्विंटल चावल कम पाए गए। इसके अलावा 13.02 क्विंटल नमक और 1.47 क्विंटल शक्कर का भी अंतर सामने आया।
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सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत मामला दर्ज
जांच रिपोर्ट के आधार पर संबंधित समिति प्रबंधकों और विक्रेताओं के खिलाफ मध्यप्रदेश सार्वजनिक वितरण प्रणाली नियंत्रण आदेश, 2015 तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3/7 के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस ने मामले दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि राशन दुकानों में अनियमितता मिलने पर जिम्मेदारी केवल दुकान संचालक या विक्रेता तक सीमित नहीं रहेगी। समिति प्रबंधकों की भूमिका भी जांच के दायरे में होगी और अनियमितता पाए जाने पर उनके खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
टीकमगढ़ प्रशासन इससे पहले भी सार्वजनिक वितरण प्रणाली में कथित अनियमितताओं को लेकर कार्रवाई कर चुका है। सितंबर की शुरुआत में जिले की सात उचित मूल्य दुकानों से जुड़े संचालकों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए थे। प्रशासन का कहना है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत पात्र हितग्राहियों को मिलने वाले खाद्यान्न में किसी भी तरह की गड़बड़ी मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी।
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