
अरविन्द तिवारी | रीवा, 1 अक्टूबर 2026। अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय में कथित अनियमितताओं और नियुक्तियों में नियमों की अनदेखी के आरोपों को लेकर NSUI ने अनोखे तरीके से विरोध प्रदर्शन किया। संगठन के कार्यकर्ताओं ने टीआरएस कॉलेज से कलेक्ट्रेट कार्यालय तक हाथों में नारियल लेकर दंडवत यात्रा निकाली। कलेक्ट्रेट पहुंचकर कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की और कलेक्टर से मुलाकात की मांग की। बाद में प्रशासनिक अधिकारियों ने NSUI का 24 सूत्रीय ज्ञापन लिया और आरोपों की जांच का आश्वासन दिया। विश्वविद्यालय रीवा में स्थित शासकीय विश्वविद्यालय है।
कुलगुरु पर लगाए नियमों की अनदेखी के आरोप
NSUI जिला अध्यक्ष पंकज उपाध्याय ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय में नियमों को दरकिनार कर अलग-अलग विभागों का प्रभार दिया जा रहा है। संगठन ने अतिथि विद्वानों की नियुक्तियों को लेकर भी सवाल उठाए हैं। NSUI का दावा है कि शारीरिक शिक्षा एवं खेलकूद विभाग से जुड़े एक अधिकारी को वित्तीय और अकादमिक सहित महत्वपूर्ण विभागों का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। संगठन ने संबंधित अधिकारी की पात्रता को लेकर भी सवाल उठाए और पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की।
यह प्रदर्शन ऐसे समय हुआ है जब पिछले दिनों भी NSUI ने विश्वविद्यालय में कथित अनियमितताओं, परीक्षा-परिणाम में देरी, नियुक्तियों और वित्तीय मामलों की जांच सहित विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन किया था।
यह भी पढ़े: शुभमन गिल ने रचा इतिहास, 117 गेंदों में जड़ा वनडे का सबसे तेज दोहरा शतक
24 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा, जांच की मांग
कलेक्ट्रेट पहुंचने के बाद NSUI कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और कलेक्टर से मुलाकात की मांग को लेकर गेट पर बैठ गए। इसके बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर संगठन का 24 सूत्रीय ज्ञापन लिया। ज्ञापन में विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली, नियुक्तियों और विभागीय प्रभार से जुड़े मामलों की जांच की मांग की गई है। NSUI जिला अध्यक्ष ने कहा कि संगठन विश्वविद्यालय में सामने आ रहे कथित मामलों की निष्पक्ष जांच चाहता है।
हालांकि, NSUI द्वारा लगाए गए आरोपों पर विश्वविद्यालय प्रशासन या कुलगुरु का पक्ष इस रिपोर्ट के लिए उपलब्ध नहीं हो सका है। इसलिए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। हालिया रिपोर्टों में भी NSUI द्वारा APSU प्रशासन के खिलाफ विभिन्न आरोप और जांच की मांग किए जाने का उल्लेख है।
यह भी पढ़े: मोहन यादव से जुड़े जमीन सौदों पर रिपोर्ट, MP मीडिया की कवरेज पर उठे सवाल
- rewa-nsui-dandvat-yatra-apsu-protest








