Fake AI Dog Controversy – गलगोटिया यूनिवर्सिटी पर चीनी रोबोटिक डॉग को अपना बताने का विवाद

उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा स्थित गलगोटिया यूनिवर्सिटी एक तकनीकी विवाद में घिर गई है। भारत AI इम्पैक्ट समिट के दौरान यूनिवर्सिटी ने एक रोबोटिक डॉग को “ओरियन” नाम देकर अपने रिसर्च इनोवेशन के रूप में पेश किया। दावा किया गया कि यह स्वदेशी रूप से विकसित उन्नत AI-आधारित रोबोट है, जो सुरक्षा, निगरानी और औद्योगिक कार्यों में उपयोगी हो सकता है।

हालांकि टेक समुदाय और सोशल मीडिया यूजर्स ने जल्द ही पहचान लिया कि प्रदर्शित रोबोट वास्तव में एक चीनी कंपनी के पहले से मौजूद मॉडल जैसा है। तुलना में डिजाइन, मूवमेंट और हार्डवेयर लेआउट तक लगभग समान पाए गए। इसके बाद विवाद बढ़ा तो यूनिवर्सिटी ने सफाई दी कि रोबोट का विकास उन्होंने नहीं किया, बल्कि यह एक टेक्नोलॉजी डेमो के रूप में प्रदर्शित किया गया था।

इस घटना ने भारत में AI और रोबोटिक्स इनोवेशन के दावों की विश्वसनीयता पर बहस छेड़ दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक टेक उत्पादों को स्थानीय नवाचार बताकर पेश करना न केवल अकादमिक पारदर्शिता पर सवाल उठाता है, बल्कि स्टार्टअप और रिसर्च इकोसिस्टम की छवि को भी नुकसान पहुंचाता है।

 

AI समिट जैसे बड़े मंचों पर तकनीकी प्रदर्शनों की सत्यता और स्रोत स्पष्ट करना अब संस्थानों के लिए जरूरी माना जा रहा है, ताकि देश के AI विकास प्रयासों की साख बनी रहे।

  • Gaurav Singh

    Gaurav Singh

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