ऑस्ट्रेलिया में भारतीय छात्रों के लिए बढ़ी मुश्किलें, Student Visa नियम हुए सख्त, योगा टीचर विवाद भी चर्चा में

ऑस्ट्रेलिया ने अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए वीजा नियमों को और सख्त करने का ऐलान किया है। नए बदलावों के तहत ज्यादातर विदेशी छात्रों के लिए पढ़ाई के दौरान अपने परिवार को साथ ले जाना मुश्किल होगा। इसके अलावा एक कोर्स पूरा करने के बाद केवल ऑस्ट्रेलिया में लंबे समय तक रहने के लिए बार-बार नए कोर्स में दाखिला लेने की प्रक्रिया पर भी रोक लगाने की तैयारी है। इसी बीच भारतीयों से जुड़े योगा टीचर विवाद ने भी ऑस्ट्रेलिया की इमिग्रेशन बहस में जगह बनाई है।

Student Visa नियमों में बड़ा बदलाव

ऑस्ट्रेलिया में पढ़ाई करने की योजना बना रहे विदेशी छात्रों के लिए अब वीजा नियम पहले की तुलना में ज्यादा सख्त होने जा रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया के गृह मामलों के मंत्री टोनी बर्क ने नए बदलावों की घोषणा की है। सरकार का कहना है कि इन कदमों का उद्देश्य माइग्रेशन व्यवस्था पर नियंत्रण बढ़ाना और वीजा सिस्टम के दुरुपयोग को रोकना है। 

नए नियमों के तहत ज्यादातर अंतरराष्ट्रीय छात्रों को पढ़ाई के दौरान अपने पति-पत्नी या बच्चों को ऑस्ट्रेलिया लाने की अनुमति नहीं होगी। हालांकि कुछ श्रेणियों को इससे छूट दी जाएगी। इनमें प्रशांत क्षेत्र और ASEAN देशों के छात्र तथा कुछ विशेष पाठ्यक्रमों, जैसे PhD, से जुड़े विद्यार्थी शामिल हैं। 

ऑस्ट्रेलियाई सरकार के आंकड़ों के मुताबिक पिछले साल अंतरराष्ट्रीय छात्रों के परिवार के सदस्यों के लिए 45 हजार से ज्यादा वीजा जारी किए गए थे। नए नियमों के बाद इस संख्या में कमी आने की संभावना है।

बार-बार कोर्स बदलने पर भी रोक

ऑस्ट्रेलिया सरकार ने ऐसे छात्रों पर भी सख्ती का संकेत दिया है जो एक कोर्स पूरा करने के बाद दूसरे और फिर तीसरे कोर्स में दाखिला लेकर अपने रहने की अवधि बढ़ाते रहते हैं। इसे सरकार ने ‘वीजा हॉपिंग’ की समस्या से जोड़ा है। 

नई व्यवस्था में छात्र को अपना Student Visa आगे बढ़ाने के लिए यह दिखाना होगा कि वह उच्च स्तर की पढ़ाई की ओर बढ़ रहा है। उदाहरण के तौर पर बैचलर डिग्री पूरी करने वाला छात्र मास्टर डिग्री के लिए आगे बढ़ सकता है। लेकिन केवल ऑस्ट्रेलिया में ज्यादा समय तक रहने के उद्देश्य से अलग-अलग संस्थानों और पाठ्यक्रमों में लगातार बदलाव करना मुश्किल होगा। 

सरकार का माइग्रेशन कम करने पर जोर

इन बदलावों को ऑस्ट्रेलिया के व्यापक माइग्रेशन नियंत्रण कार्यक्रम का हिस्सा बताया गया है। सरकार ने आने वाले वर्षों में Net Overseas Migration को कम करने का लक्ष्य रखा है। ABC के अनुसार सरकार का लक्ष्य इसे लगभग 2.90 लाख के स्तर से घटाकर 2027-28 में करीब 2.25 लाख तक लाना है। 

ऑस्ट्रेलियाई सरकार का तर्क है कि देश में आवास की उपलब्धता और माइग्रेशन के बीच बेहतर संतुलन जरूरी है। गृह मामलों के मंत्री टोनी बर्क ने कहा है कि माइग्रेशन को उस स्तर तक लाने की जरूरत है जहां आवास की आपूर्ति उसके साथ तालमेल बिठा सके। 

योगा टीचर को लेकर क्यों मचा विवाद?

ऑस्ट्रेलिया की माइग्रेशन नीति में योगा टीचर का मुद्दा भी हाल में चर्चा का विषय बना। विपक्ष की ओर से यह दावा किया जाता रहा है कि सरकार निर्माण क्षेत्र के कामगारों की तुलना में ज्यादा योगा टीचरों को ऑस्ट्रेलिया आने की अनुमति दे रही है। इस दावे को लेकर गृह मामलों के मंत्री टोनी बर्क ने सफाई दी है। 

बर्क के अनुसार मौजूदा सरकार के कार्यकाल में ऑस्ट्रेलिया में एक भी योगा टीचर नहीं लाया गया, जबकि निर्माण क्षेत्र से आने वाले कामगारों की संख्या करीब 4,500 से बढ़कर लगभग 15 हजार हो गई है। उन्होंने योगा टीचर वाले दावे को गलत बताया। 

ऑस्ट्रेलियन एसोसिएटेड प्रेस की तथ्य-जांच के मुताबिक जुलाई 2022 से अब तक केवल चार योग प्रशिक्षक ऑस्ट्रेलिया पहुंचे हैं। हालांकि संबंधित वीजा श्रेणी में अन्य खेलों के प्रशिक्षक भी शामिल हो सकते हैं। योगा टीचर को अस्थायी कुशल वीजा कार्यक्रम में 2022 में भारत के साथ हुए व्यापार समझौते के बाद शामिल किया गया था। 

भारतीय छात्रों पर क्या असर पड़ेगा?

भारत ऑस्ट्रेलिया के अंतरराष्ट्रीय शिक्षा क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण स्रोत है। ऐसे में नए नियम भारतीय छात्रों के लिए भी महत्वपूर्ण हैं। खासकर वे छात्र जो पढ़ाई के दौरान परिवार को साथ ले जाने की योजना बना रहे हैं या एक डिग्री के बाद दूसरी पढ़ाई के जरिए ऑस्ट्रेलिया में अपना प्रवास बढ़ाना चाहते हैं, उन्हें नए नियमों का ध्यान रखना होगा।

इससे पहले भी ऑस्ट्रेलिया ने भारतीय Student Visa आवेदकों की जांच सख्त की थी। जनवरी 2026 में भारत को उच्च जोखिम वाली श्रेणी में स्थानांतरित किए जाने के बाद भारतीय छात्रों से अतिरिक्त दस्तावेज और वित्तीय तथा शैक्षणिक प्रमाण मांगे जाने की संभावना बढ़ी थी। 

वहीं, ऑस्ट्रेलिया के विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधियों ने नए बदलावों को लेकर चिंता जताई है। Universities Australia ने कहा है कि परिवार के साथ आने पर प्रतिबंध का असर खासकर शोध और लंबी अवधि वाले पाठ्यक्रमों के छात्रों पर पड़ सकता है। 

ऑस्ट्रेलिया की नई नीति का फोकस अंतरराष्ट्रीय छात्रों की संख्या और उनके वीजा से जुड़े रास्तों पर ज्यादा नियंत्रण रखने पर है। भारतीय छात्रों के लिए इसका सीधा असर परिवार को साथ लाने, कोर्स बदलने और आगे ऑस्ट्रेलिया में रहने की योजना पर पड़ सकता है।

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Manisha Gupta

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