
सार
बुरहानपुर/ राजू सिंह राठौड़: बुरहानपुर में गोगा नवमी के पावन अवसर पर सोमवार को सांसद कार्यालय परिसर भक्ति और आस्था से सराबोर नजर आया। वाल्मीकि समाज की ओर से पारंपरिक रूप से सजाई गई पवित्र छड़ी और धर्मध्वज के पहुंचते ही परिसर ‘वीर गोगादेव महाराज’ के जयकारों से गूंज उठा। खंडवा लोकसभा सांसद ज्ञानेश्वर पाटील सहित जनप्रतिनिधियों ने विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया। इस दौरान समाज के उस्तादों और भगत जी का पारंपरिक सम्मान भी किया गया।
विस्तार
गोगा नवमी के अवसर पर बुरहानपुर स्थित स्थानीय सांसद कार्यालय सोमवार को धार्मिक आयोजन का केंद्र बना रहा। वाल्मीकि समाज के लोग पारंपरिक रूप से सजाई गई पवित्र छड़ियां और धर्मध्वज लेकर सांसद कार्यालय पहुंचे। जैसे ही यह धार्मिक यात्रा परिसर में पहुंची, वहां मौजूद श्रद्धालुओं ने जयकारों और भजनों के साथ स्वागत किया।
पूरे परिसर में ‘वीर गोगादेव जी महाराज’ के जयघोष गूंजते रहे। पारंपरिक वाद्ययंत्रों, ढोल-ताशों की धुन और श्रद्धालुओं के उत्साह ने आयोजन को और भव्य बना दिया।
कार्यक्रम में खंडवा लोकसभा सांसद ज्ञानेश्वर पाटील, उनकी धर्मपत्नी एवं पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती जयश्री ज्ञानेश्वर पाटील, नेपानगर विधायक मंजू दादू और महापौर श्रीमती माधुरी अतुल पटेल शामिल हुईं।
सभी जनप्रतिनिधियों ने विधि-विधान के साथ पवित्र छड़ी और धर्मध्वज का पूजन-अर्चन किया। इस दौरान बड़ी संख्या में समाजजन और श्रद्धालु मौजूद रहे। भाजपा युवा नेता गजेंद्र पाटील की भी आयोजन में विशेष भूमिका रही। उनके सहयोग से धार्मिक अनुष्ठान को भव्य स्वरूप दिया गया।
वाल्मीकि समाज में छड़ी और धर्मध्वज की पूजा की परंपरा काफी पुरानी बताई जाती है। परंपरा के अनुसार स्थापना के बाद आगामी सवा महीने तक समाजजन श्रद्धापूर्वक इनकी पूजा-अर्चना करते हैं।
इस अवधि में विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों के साथ भजन-कीर्तन का आयोजन किया जाता है। समाज के लोग सामूहिक रूप से धार्मिक आयोजनों में हिस्सा लेकर वीर गोगादेव महाराज के प्रति अपनी आस्था प्रकट करते हैं।
कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे समाज के उस्तादों और भगत जी का जनप्रतिनिधियों ने शॉल और श्रीफल भेंट कर पारंपरिक सम्मान किया। इसके अलावा समाजजनों की ओर से नेपानगर विधायक मंजू दादू और महापौर माधुरी अतुल पटेल का भी स्वागत किया गया।
इस दौरान समाज के लोगों और जनप्रतिनिधियों के बीच आपसी संवाद भी हुआ। आयोजन में परंपरा, धार्मिक आस्था और सामाजिक सहभागिता की झलक देखने को मिली।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद ज्ञानेश्वर पाटील ने वीर गोगादेव जी महाराज को शौर्य, सेवा और सामाजिक समरसता का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि गोगादेव महाराज का जीवन समाज को साहस, एकजुटता और सेवा की प्रेरणा देता है।
वहीं, विधायक मंजू दादू ने कहा कि इस तरह के धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन समाज में आपसी भाईचारे को मजबूत करने के साथ सांस्कृतिक एकता को भी बढ़ावा देते हैं।
आयोजन के दौरान पारंपरिक वाद्ययंत्रों की धुन, ढोल-ताशों की गूंज और युवाओं का उत्साह देखते ही बना। बड़ी संख्या में समाजजन और श्रद्धालु कार्यक्रम में शामिल हुए।
गोगा नवमी पर आयोजित यह धार्मिक कार्यक्रम केवल पूजा-अर्चना तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें सामाजिक सहभागिता और सांस्कृतिक परंपराओं की झलक भी दिखाई दी। वाल्मीकि समाज की वर्षों पुरानी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए आयोजित कार्यक्रम ने बुरहानपुर में सामाजिक सौहार्द, भाईचारे और सांस्कृतिक विरासत को मजबूत करने का संदेश दिया।
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