
सार
राजकुमार शर्मा |झांसी। महान पार्श्व गायक मुकेश चंद्र माथुर (मुकेश दा) की 50वीं पुण्यतिथि के अवसर पर दीनदयाल उपाध्याय सभागार में “एक शाम मुकेश जी के नाम” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मार्वल्स प्लेटिनम डायमण्ड्स म्यूजिकल ग्रुप झांसी के तत्वावधान में आयोजित इस संगीतमय कार्यक्रम में कलाकारों ने मुकेश जी के सदाबहार गीत प्रस्तुत कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम में शहर के गणमान्य नागरिक और संगीत प्रेमी मौजूद रहे।
विस्तार
झांसी। हिंदी सिनेमा के महान पार्श्व गायक मुकेश चंद्र माथुर, जिन्हें संगीत प्रेमी प्यार से मुकेश दा के नाम से याद करते हैं, की 50वीं पुण्यतिथि पर झांसी में संगीतमय श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया।
मार्वल्स प्लेटिनम डायमण्ड्स म्यूजिकल ग्रुप झांसी के तत्वावधान में दीनदयाल उपाध्याय सभागार में “एक शाम मुकेश जी के नाम” कार्यक्रम हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य मुकेश दा के संगीत और उनकी अमर आवाज को याद करना तथा उनके गीतों के माध्यम से उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करना रहा।
कार्यक्रम के दौरान कलाकारों ने मुकेश जी के लोकप्रिय और सदाबहार गीत प्रस्तुत किए। गीतों की प्रस्तुतियों ने सभागार में मौजूद संगीत प्रेमियों को भावुक कर दिया और उन्हें मुकेश दा के स्वर्णिम दौर की याद दिला दी।
कार्यक्रम में महेश गुप्ता, शकील शिवपुरी, रमेश परिहार, रुपाली कुसुमकर जबलपुर और धनराज साहू जबलपुर सहित कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियां दीं। कलाकारों ने मुकेश जी की गायकी की भावनात्मक शैली को अपने सुरों के माध्यम से प्रस्तुत करने का प्रयास किया।
मुकेश दा की आवाज की खासियत उनकी सादगी और भावनात्मक गहराई मानी जाती रही है। उनके गीतों में प्रेम, विरह, संवेदना और जीवन के विभिन्न रंगों की अभिव्यक्ति देखने को मिलती है। यही वजह है कि उनके निधन के दशकों बाद भी उनकी आवाज और गीत संगीत प्रेमियों के बीच लोकप्रिय हैं।
“एक शाम मुकेश जी के नाम” के दौरान प्रस्तुत किए गए गीतों ने इसी विरासत को जीवंत किया। कार्यक्रम में मौजूद दर्शकों ने कलाकारों की प्रस्तुतियों का आनंद लिया और तालियों के साथ उनका उत्साहवर्धन किया।
इस अवसर पर समाजसेवी अभिषेक मिश्रा, ओमप्रकाश विश्वारी, दिल्ली सचिवालय के सहायक निदेशक हिमांशु रावत, मनमोहन गेड़ा, अरविंद गुप्ता, रामकुमार लोईयां, मुरारी लाल, सौरभ रावत, जुगल किशोर सेठ और संजीव गुप्ता कचनेव सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में संगीत प्रेमियों की मौजूदगी ने आयोजन को विशेष बना दिया। मुकेश जी के गीतों के माध्यम से उनकी स्मृतियों को याद किया गया और उनकी संगीत यात्रा को नमन किया गया।
मुकेश दा की पुण्यतिथि पर आयोजित यह कार्यक्रम इस बात की मिसाल रहा कि अच्छा संगीत और सच्ची कला समय की सीमाओं से परे होती है। उनकी आवाज आज भी नई पीढ़ी सहित पुराने संगीत प्रेमियों के दिलों में अपनी खास जगह बनाए हुए है।
संगीत के सुरों के बीच मुकेश दा को याद करते हुए कलाकारों और उपस्थित लोगों ने उनकी अमर संगीत विरासत को नमन किया।
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