
धर्मेंद्र सिंह लोधी | टीकमगढ़ में भाजपा जिलाध्यक्ष सरोज राजपूत ने SIR, मतदाता सूची और चुनाव आयोग को लेकर कांग्रेस व राहुल गांधी के सवालों पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों को आरोप लगाने से पहले आधिकारिक तथ्यों और स्पष्टीकरणों को देखना चाहिए।
टीकमगढ़। भाजपा जिलाध्यक्ष श्रीमती सरोज राजपूत ने कांग्रेस और राहुल गांधी द्वारा चुनाव आयोग, स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) और मतदाता सूची को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर प्रतिक्रिया दी है। भाजपा मीडिया प्रभारी स्वप्निल तिवारी की ओर से जारी बयान में उन्होंने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं पर बिना पर्याप्त तथ्यों के आरोप लगाने से जनता के बीच भ्रम और अविश्वास की स्थिति बन सकती है।
SIR को लेकर चुनाव आयोग के स्पष्टीकरण का हवाला
सरोज राजपूत ने 26 सितंबर को हुई चुनाव आयोग की बैठक का हवाला देते हुए कहा कि SIR से जुड़े फैसले किसी एक व्यक्ति का निर्णय नहीं हैं। चुनाव आयोग ने अपने आधिकारिक स्पष्टीकरण में कहा है कि देशभर में SIR से संबंधित आदेशों को आयोग की पूरी पीठ की सर्वसम्मत मंजूरी मिली थी। आयोग ने यह भी कहा कि 24 जून 2025 का SIR आदेश सुप्रीम कोर्ट के 27 मई 2026 के आदेश से बरकरार रहा।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस द्वारा जिन मीडिया रिपोर्टों के आधार पर सवाल उठाए जा रहे हैं, उन पर चुनाव आयोग के स्पष्टीकरण के बाद तथ्यों के आधार पर चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने राजनीतिक दलों से संवैधानिक संस्थाओं पर गंभीर आरोप लगाने से पहले संबंधित दस्तावेजों और आधिकारिक जानकारी की जांच करने की बात कही।
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Form-6, ECINET और प्रशासनिक पत्र का मुद्दा
भाजपा जिलाध्यक्ष ने Form-6 से जुड़े विवाद का उल्लेख करते हुए कहा कि इस विषय पर न्यायिक निर्णय और आधिकारिक प्रक्रिया को ध्यान में रखकर चर्चा होनी चाहिए। चुनाव आयोग ने 26 सितंबर के अपने बयान में कहा कि SIR के दौरान इस्तेमाल होने वाले Form-6 से जुड़े घोषणा-पत्र को सुप्रीम कोर्ट ने बरकरार रखा है।
ECINET को लेकर भी आयोग ने वरिष्ठ उप चुनाव आयुक्त की अध्यक्षता में एक समिति बनाने की जानकारी दी है, जिसमें IIT या IIIT का स्वतंत्र विशेषज्ञ शामिल होगा। समिति सिस्टम के कानून और नियमों के अनुपालन की समीक्षा करेगी।
कैबिनेट सेक्रेटरी को भेजे गए पत्र को लेकर आयोग ने कहा कि यह किसी नीतिगत फैसले या IT विभाग से संबंधित नहीं था, बल्कि प्रतिनियुक्ति पर आए एक अधिकारी के कामकाज से जुड़ा प्रशासनिक विषय था।
सरोज राजपूत ने कहा कि चुनावी प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक दलों के बीच मतभेद और आरोप सार्वजनिक चर्चा का हिस्सा हो सकते हैं, लेकिन जनता के सामने तथ्यों और आधिकारिक स्पष्टीकरणों के आधार पर अपनी बात रखना जरूरी है। उन्होंने कांग्रेस से SIR और चुनाव आयोग को लेकर लगाए जा रहे आरोपों के आधार पर स्पष्ट करने को कहा।
टीकमगढ़ में भाजपा जिलाध्यक्ष के बयान के बाद SIR और चुनाव प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक बहस फिर चर्चा में है। चुनाव आयोग ने अपने 26 सितंबर के स्पष्टीकरण में SIR से जुड़े फैसलों को सर्वसम्मत बताया है, जबकि विपक्षी नेताओं ने आयोग के स्पष्टीकरण पर अलग-अलग आपत्तियां दर्ज की हैं।
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