
उज्जैन में 2028 में होने वाले सिंहस्थ की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सिंहस्थ-2028 के विकास कार्यों की तैयारियों का निरीक्षण किया और अधिकारियों से परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। शहर में सड़क, पानी, सीवरेज, बिजली, घाट और यातायात जैसी स्थायी आधारभूत सुविधाओं पर काम चल रहा है। सिंहस्थ के दौरान करोड़ों श्रद्धालुओं के उज्जैन पहुंचने की संभावना को देखते हुए शहर की क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। विकास कार्यों के लिए बड़े स्तर पर वित्तीय प्रावधान किए गए हैं।
सिंहस्थ के लिए करीब 13 हजार करोड़ रुपये की विकास योजनाओं का उल्लेख किया गया है। इनमें लगभग 304 किलोमीटर नई सड़कों के लिए 8719 करोड़ रुपये और करीब 276 किलोमीटर सड़कों के चौड़ीकरण के लिए 4815 करोड़ रुपये का प्रावधान बताया गया है। 19 पुलों के निर्माण पर करीब 440 करोड़ रुपये खर्च किए जाने की बात कही गई है। हरियाखेड़ी परियोजना में जलशोधन क्षमता को 151 से बढ़ाकर 400 एमएलडी करने की योजना है। सीवरेज व्यवस्था मजबूत करने और घाटों के विकास सहित अन्य स्थायी सुविधाओं पर भी काम किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सिंहस्थ की समयसीमा को ध्यान में रखते हुए परियोजनाओं में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ के दौरान करोड़ों श्रद्धालु उज्जैन आएंगे, इसलिए केवल मेला क्षेत्र की व्यवस्था पर्याप्त नहीं होगी बल्कि पूरे शहर में यातायात और नागरिक सुविधाओं की क्षमता बढ़ानी होगी। नीलगंगा चौराहे से नानाखेड़ा बस स्टैंड तक सड़क चौड़ीकरण, वैकल्पिक मार्ग और पुराने-नए शहर को जोड़ने वाली परियोजनाओं का भी निरीक्षण किया गया। महाकाल लोक बनने के बाद उज्जैन में धार्मिक पर्यटन बढ़ने का उल्लेख भी किया गया है।
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