
मध्य प्रदेश के जबलपुर शहर में स्थित 117 साल पुराने अंजुमन इस्लामिया इंग्लिश मीडियम स्कूल द्वारा शुक्रवार को साप्ताहिक अवकाश घोषित करने के फैसले ने शिक्षा जगत और स्थानीय समाज में तीव्र विवाद खड़ा कर दिया। स्कूल प्रबंधन ने पारंपरिक रविवार की छुट्टी को बदलते हुए शुक्रवार को अवकाश और रविवार को नियमित कक्षाएं संचालित करने का निर्णय लिया था। यह आदेश स्कूल के व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से अभिभावकों को सूचित किया गया, जिसके बाद विरोध की लहर उठी।
स्कूल प्रबंधन का तर्क था कि जुमे की नमाज के कारण शुक्रवार को बच्चों की उपस्थिति कम रहती है, इसलिए शुक्रवार को छुट्टी देना व्यावहारिक होगा। हालांकि, इस फैसले को लेकर अभिभावकों, सामाजिक संगठनों और राजनीतिक दलों ने तीव्र विरोध जताया। उनका कहना था कि यह निर्णय शैक्षणिक परंपराओं और सामाजिक समरसता के खिलाफ है और इससे शिक्षा का सांप्रदायिकरण हो सकता है।
विवाद बढ़ने पर स्कूल प्रबंधन ने आदेश को वापस ले लिया और स्पष्ट किया कि अब रविवार को ही साप्ताहिक अवकाश रहेगा। प्रशासन ने भी मामले का संज्ञान लेते हुए स्कूल से स्पष्टीकरण मांगा है। इस घटनाक्रम ने यह सवाल खड़ा किया है कि शैक्षणिक संस्थानों में धार्मिक आधार पर निर्णय लेना कितना उचित है, और क्या इससे सामाजिक सौहार्द पर असर पड़ सकता है।

