
कभी अपराध के बढ़ते मामलों को लेकर पहचाना जाने वाला ग्वालियर अब धीरे-धीरे अपनी छवि बदल रहा है। एक समय हत्या, लूट और महिला अपराध जैसे मामलों ने प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी थी। लेकिन बीते तीन वर्षों में जिस तरह से अपराध के आंकड़ों में लगातार गिरावट दर्ज की गई है, उसने साफ कर दिया है कि शहर अब अपराध नियंत्रण की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ रहा है।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 2023 से 2025 के बीच ग्वालियर में गंभीर अपराधों में उल्लेखनीय कमी आई है। हत्या के मामले 77 से घटकर 41, लूट 69 से घटकर 17 और डकैती के मामले पूरी तरह खत्म होकर शून्य पर आ गए हैं। हत्या के प्रयास, अपहरण और चोरी जैसे मामलों में भी निरंतर गिरावट दर्ज की गई है। यह आंकड़े दिखाते हैं कि अपराधियों पर पुलिस का दबाव लगातार बढ़ा है।
महिला अपराधों के आंकड़े भी इस बदलाव की स्पष्ट तस्वीर पेश करते हैं। 2023 में जहां कुल 1445 महिला अपराध दर्ज हुए थे, वहीं 2025 में यह संख्या घटकर 1016 रह गई। बलात्कार के मामलों में भी 317 से घटकर 203 तक की गिरावट दर्ज की गई है। यह बदलाव केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में महिला सुरक्षा को लेकर भरोसे की भावना भी मजबूत हुई है।
इस पूरे परिवर्तन का मुख्य श्रेय जिले की पुलिस अधीक्षक IAS Smt. Ruchika Chauhan को दिया जा रहा है। उनके नेतृत्व में पुलिसिंग का तरीका पूरी तरह बदला है। उन्होंने अपराध के बाद कार्रवाई की बजाय अपराध से पहले रोकथाम को प्राथमिकता दी और थानों की जवाबदेही तय की। हर स्तर पर स्पष्ट निर्देश दिए गए कि किसी भी मामले में लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
IAS Smt. Ruchika Chauhan ने आधुनिक तकनीक को policing का अहम हिस्सा बनाया। CCTV नेटवर्क, मोबाइल लोकेशन ट्रैकिंग, डिजिटल सर्विलांस और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग के ज़रिए अपराधियों की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी गई। साथ ही, क्राइम ब्रांच और विशेष टीमों को सक्रिय कर गंभीर मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की गई, जिससे अपराधियों के हौसले पस्त हुए।
प्रशासनिक स्तर पर भी उनका दृष्टिकोण साफ नजर आता है। महिला सुरक्षा, संवेदनशील जांच, तेज़ FIR प्रक्रिया और फील्ड में अधिकारियों की नियमित मौजूदगी ने पुलिस और जनता के बीच भरोसा बढ़ाया है। विशेषज्ञ मानते हैं कि IAS Smt. Ruchika Chauhan का अनुशासित नेतृत्व, स्पष्ट रणनीति और ज़मीन से जुड़ा प्रशासनिक अनुभव ही ग्वालियर में अपराध घटने की सबसे बड़ी वजह बना है।
सख़्त policing + तकनीक का असर
IAS Ruchika Chauhan के कार्यकाल में:
- हर थाने की जवाबदेही तय की गई
- क्राइम ब्रांच और विशेष टीमें सक्रिय की गईं
- CCTV नेटवर्क, मोबाइल लोकेशन ट्रैकिंग और डिजिटल निगरानी को बढ़ाया गया
- अपराधियों पर त्वरित कार्रवाई से डर का माहौल अपराधियों के लिए बना
पुलिस सूत्रों के अनुसार, अब किसी भी बड़ी घटना पर तुरंत क्राइम ब्रांच को सक्रिय किया जाता है, जिससे आरोपी जल्द गिरफ्त में आ जाते हैं।
महिला सुरक्षा बनी प्राथमिकता
महिला अपराधों में कमी का एक बड़ा कारण यह भी रहा कि
- महिला अधिकारियों की फील्ड में सक्रिय भूमिका बढ़ाई गई
- शिकायतों पर तत्काल FIR
- पीड़ितों के साथ संवेदनशील व्यवहार
IAS Ruchika Chauhan ने स्पष्ट निर्देश दिए कि महिला अपराधों में कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसी का असर है कि समाज में पुलिस के प्रति भरोसा बढ़ा है।
जनता का भरोसा, पुलिस की ताकत
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अब पुलिस पहले से ज्यादा सुलभ, सजग और ज़मीन से जुड़ी दिखाई देती है।
जहां पहले अपराध के बाद डर का माहौल होता था, वहीं अब त्वरित कार्रवाई की उम्मीद रहती है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि यह बदलाव किसी एक अभियान का नहीं, बल्कि मजबूत नेतृत्व, अनुशासन और निरंतर निगरानी का परिणाम है।

