
हाल ही में आयोजित आईएएस मीट को समाप्त हुए एक सप्ताह से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन इस आयोजन को लेकर रिटायर्ड आईएएस अधिकारियों की नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, यह नाराजगी अब अंदरखाने की चर्चा से निकलकर खुले असंतोष में बदल चुकी है।
मामला उस समय और गंभीर हो गया जब एक सीनियर रिटायर्ड आईएएस अधिकारी ने व्हाट्सएप ग्रुप में लंबी और तीखी पोस्ट साझा कर अपनी पीड़ा सार्वजनिक कर दी। पोस्ट में साफ लिखा गया कि आज जिस मुकाम पर आईएएस एसोसिएशन खड़ी है, उसमें रिटायर्ड अधिकारियों का योगदान बेहद अहम रहा है, इसके बावजूद मीट के दौरान उन्हें वह सम्मान नहीं दिया गया, जिसके वे हकदार थे।
सूत्र बताते हैं कि नाराजगी सिर्फ मंच तक सीमित नहीं रही।
फोटो सेशन,
फ्रंट रो में बैठने की व्यवस्था,
ड्राइव डिस्प्ले और प्रोटोकॉल,
हर स्तर पर रिटायर्ड आईएएस अधिकारियों को नजरअंदाज किए जाने के आरोप लगाए गए हैं। यहां तक कि व्यक्तिगत मुलाकात के दौरान भी कई वरिष्ठ रिटायर्ड अधिकारियों को अपेक्षित सम्मान नहीं मिला।
पोस्ट में यह भी लिखा गया कि
“सीनियर रिटायर्ड आईएएस अधिकारियों को सम्मान देने के तौर-तरीकों को लेकर हमें अभी बहुत कुछ सीखने की जरूरत है।”
हालांकि, दिलचस्प बात यह रही कि पोस्ट की शुरुआत में संबंधित रिटायर्ड अधिकारी ने आईएएस मीट के आयोजन की जिम्मेदारी संभालने वाली समिति को पूरे अंक देते हुए कार्यक्रम को सफल बताया, लेकिन इसके तुरंत बाद उन्होंने व्यवस्था और सोच पर गंभीर सवाल भी खड़े कर दिए।
अफसरशाही के गलियारों में चर्चा है कि यह नाराजगी केवल एक कार्यक्रम तक सीमित नहीं है, बल्कि यह कार्यरत और रिटायर्ड आईएएस अधिकारियों के बीच बढ़ती दूरी को उजागर कर रही है। सूत्र यह भी मान रहे हैं कि यदि समय रहते इस असंतोष को नहीं संभाला गया, तो यह मामला एसोसिएशन के भीतर बड़े मतभेद का रूप ले सकता है।
अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि आईएएस एसोसिएशन इस नाराजगी को किस तरह शांत करती है, या फिर आने वाले दिनों में यह मुद्दा और तूल पकड़ता है।

