
देश की प्रमुख एयरलाइन IndiGo का परिचालन संकट सातवें दिन भी जारी है, जिसके कारण 250 से अधिक उड़ानें रद्द करनी पड़ीं। इससे देशभर के एयरपोर्ट्स पर यात्रियों की भारी भीड़ देखी गई और लंबी देरी के चलते कई लोगों की यात्रा योजनाएं प्रभावित हुईं। कई यात्रियों ने कनेक्टिंग उड़ानें मिस कर दीं, वहीं कई को वैकल्पिक फ़्लाइट्स न मिलने पर यात्रा टालनी पड़ी।
राज्यसभा में उठे इस मुद्दे पर सिविल एविएशन मंत्री ने कड़ा रुख दिखाते हुए स्पष्ट कहा कि एयरलाइन संचालन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने संकेत दिया कि सरकार ऐसे कदम उठाने जा रही है जो भविष्य में किसी भी एयरलाइन द्वारा यात्रा सेवाओं में इस तरह की अव्यवस्था को रोकने के लिए मिसाल बनेंगे। मंत्रालय DGCA के साथ मिलकर एयरलाइन से विस्तृत रिपोर्ट मांग चुका है और यात्रियों को राहत देने के विकल्पों की समीक्षा कर रहा है।
इंडिगो ने अपनी तरफ से स्टाफ की कमी और परिचालन चुनौतियों को उड़ान रद्द होने का कारण बताया है, लेकिन यात्रियों का कहना है कि एयरलाइन उन्हें समय पर सही जानकारी नहीं दे रही। लगातार जारी इस संकट ने भारत की घरेलू उड़ान व्यवस्था को गंभीर रूप से प्रभावित किया है, जिससे हजारों लोग परेशान हैं और स्थिति में सुधार को लेकर सभी की नजरें सरकार और DGCA पर टिकी हुई हैं।

