
इंदौर और उसके आसपास के इलाकों में शुक्रवार सुबह से लगातार हो रही बारिश ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया है। अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में इस तरह की बारिश और तापमान में अचानक आई गिरावट ने न केवल शहरवासियों को चौंकाया, बल्कि मौसम वैज्ञानिकों को भी हैरान कर दिया है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, इंदौर में इस बार अक्टूबर में 40 वर्षों की सबसे अधिक वर्षा दर्ज की गई है, जिससे तापमान में रिकॉर्ड गिरावट आई है। रविवार को शहर का न्यूनतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो पिछले 100 वर्षों में अक्टूबर महीने का सबसे ठंडा दिन रहा।
बारिश का सिलसिला गुरुवार रात से ही शुरू हो गया था, जो शुक्रवार सुबह तक जारी रहा। शहर के एयरपोर्ट क्षेत्र में 11 मिमी और रीगल क्षेत्र में लगभग 14 मिमी बारिश दर्ज की गई। इस बारिश के चलते दिन का अधिकतम तापमान सामान्य से 9 डिग्री कम होकर 23.5 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया, जिससे लोगों को अक्टूबर में ही सर्दी का अहसास होने लगा । मौसम विभाग ने बताया कि दक्षिण भारत में सक्रिय एक निम्न दबाव का क्षेत्र मध्य प्रदेश के मौसम को प्रभावित कर रहा है, जिसका असर इंदौर और मालवा अंचल में साफ देखा जा सकता है।
बारिश और तापमान में गिरावट के कारण शहर में कोहरा भी छाया रहा, जिससे दृश्यता प्रभावित हुई और कुछ उड़ानों को डायवर्ट भी करना पड़ा। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि आने वाले दिनों में ठंड और बढ़ेगी, क्योंकि नवंबर की शुरुआत में भी इसी तरह की स्थिति बनी रह सकती है। इस अप्रत्याशित मौसम परिवर्तन ने जहां एक ओर गर्मी से राहत दी है, वहीं दूसरी ओर जनजीवन को भी प्रभावित किया है। लोग अब गर्म कपड़े निकालने लगे हैं और सुबह-शाम की ठंडक ने सर्दियों की आहट को पहले ही महसूस करा दिया है।

