
इंदौर शहर में अवैध निर्माणों के खिलाफ नगर निगम ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाते हुए बड़े पैमाने पर कार्रवाई की। ताज़ा जानकारी के अनुसार, शहर के विभिन्न इलाकों में फैले 140 मकानों को बुलडोज़र की मदद से ढहा दिया गया। प्रशासन का कहना है कि ये सभी निर्माण बिना अनुमति के सरकारी भूमि, नाले और सार्वजनिक मार्गों पर कब्जा करके बनाए गए थे, जिससे न केवल शहर की संरचना प्रभावित हो रही थी, बल्कि बारिश के दौरान जलभराव और आवागमन में बाधा जैसी समस्याएँ भी बढ़ रही थीं। निगम अधिकारियों ने बताया कि ऐसे अवैध कब्जों पर लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं और मौके की जांच के बाद अब इस व्यापक कार्रवाई को अंजाम दिया गया है।
कार्रवाई के दौरान भारी संख्या में पुलिस बल, नगर निगम कर्मचारी और जेसीबी मशीनें मौजूद रहीं। सुरक्षाबलों की तैनाती इसलिए भी जरूरी थी ताकि तोड़फोड़ के समय किसी तरह का विरोध या हंगामा न हो सके। स्थानीय स्तर पर कुछ लोगों ने इस कार्रवाई पर नाराजगी जताई, लेकिन प्रशासन का कहना है कि संबंधित व्यक्तियों को पहले ही नोटिस जारी कर दिया गया था और अपने निर्माण हटाने के लिए पर्याप्त समय भी दिया गया था। अधिकारियों के मुताबिक, नोटिस के बावजूद कुछ लोगों ने कब्जा नहीं हटाया, जिसके बाद मजबूर होकर बुलडोज़र चलाना पड़ा। नगर निगम ने यह भी कहा है कि शहर की विकास योजनाओं, स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट और यातायात सुधार के लिए जगह खाली कराना बेहद जरूरी था। शहर के योजनाकारों का मानना है कि अनियोजित निर्माण धीरे-धीरे सार्वजनिक सुविधाओं को बाधित कर देते हैं और शहरी परिवहन, सीवरेज और आपात सेवाओं में समस्याएँ खड़ी कर देते हैं। इसी के चलते प्रशासन ने तय किया है कि ऐसे अवैध ढाँचों पर लगातार नजर रखी जाएगी और भविष्य में भी इसी तरह की कार्रवाइयाँ जारी रहेंगी। नगर निगम की इस नीति का उद्देश्य शहर में सुसंगठित और सुरक्षित शहरी संरचना बनाना है।

