
उत्तर प्रदेश की भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM यादव संदर्भ के अनुसार) ने वरिष्ठ अधिकारियों की एक विशेष टीम गठित कर उन्हें विभिन्न राज्यों की भूमि अधिग्रहण नीतियों का अध्ययन करने का निर्देश दिया है। माना जा रहा है कि इस कदम से राज्य में चल रहे हाईवे, औद्योगिक कॉरिडोर, स्मार्ट सिटी और अन्य विकास परियोजनाओं की गति तेज होगी।
सरकारी सूत्रों के मुताबिक अधिकारियों का यह दल उन राज्यों का दौरा करेगा, जहां भूमि अधिग्रहण मॉडल बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं और किसानों को उचित मुआवज़ा देने में प्रभावी साबित हुए हैं। इस दौरान भूमि आवंटन में देरी, विवादों के समाधान और पुनर्वास जैसी चुनौतियों पर भी विश्लेषण किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि भूमि अधिग्रहण से जुड़े सभी मामलों में किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। इसके साथ ही प्रक्रिया को सरल, निष्पक्ष और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से पारदर्शी बनाने पर भी जोर दिया गया है। सरकार चाहती है कि किसी भी किसान को भूमि देने के बदले उचित मुआवज़ा, पुनर्वास और रोजगार के अवसरों में कमी महसूस न हो।

