
भोपाल समेत कई शहरों में ‘हाउस पार्टी’ के नाम पर युवाओं से ठगी का एक नया तरीका सामने आया है। सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप्स पर आकर्षक पोस्टर, लिमिटेड एंट्री और ‘एक्सक्लूसिव पार्टी’ जैसे दावों के साथ युवाओं को लुभाया जा रहा है। आयोजक 1500 से 3000 रुपये तक का टिकट एडवांस में ऑनलाइन मंगवा लेते हैं, लेकिन तय दिन और समय पर न तो पार्टी होती है और न ही आयोजक का कोई अता-पता रहता है।
इस पूरे ठगी नेटवर्क की पड़ताल दैनिक भास्कर के रिपोर्टर ने खुद पार्टिसिपेंट बनकर की। रिपोर्टर ने 2000 रुपये का टिकट खरीदा, जिसके बाद उसे एक प्राइवेट लोकेशन और समय की जानकारी दी गई। लेकिन जब तय समय पर बताए गए पते पर पहुंचा गया, तो वहां न पार्टी थी, न कोई आयोजक और न ही अन्य पार्टिसिपेंट्स। कॉल और मैसेज करने पर नंबर बंद मिला, जबकि सोशल मीडिया अकाउंट भी कुछ ही देर में डिलीट कर दिया गया।
पुलिस और साइबर एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इस तरह की ठगी में फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल, अस्थायी UPI आईडी और किराए के बैंक अकाउंट का इस्तेमाल किया जा रहा है। ठग खासतौर पर कॉलेज स्टूडेंट्स और नए जॉब करने वाले युवाओं को निशाना बना रहे हैं। प्रशासन ने युवाओं से अपील की है कि बिना वेरिफिकेशन किसी भी ऑनलाइन इवेंट या हाउस पार्टी के लिए एडवांस भुगतान न करें और संदिग्ध मामलों की तुरंत साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराएं।


