
मध्य प्रदेश की बेटी क्रांति गौड़ ने महिला क्रिकेट विश्व कप में शानदार प्रदर्शन कर न केवल देश का नाम रोशन किया, बल्कि अपने परिवार और जिले छतरपुर को भी गौरव दिलाया है। भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने 47 साल के लंबे इंतजार के बाद साउथ अफ्रीका को हराकर पहली बार विश्व कप जीता, जिसमें क्रांति गौड़ ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने क्रांति को ₹1 करोड़ का पुरस्कार देने की घोषणा की। साथ ही, उन्होंने कहा कि क्रांति के पिता मुन्ना सिंह, जो वर्तमान में पुलिस विभाग से निलंबित हैं, उन्हें बहाल किया जाएगा। यह निर्णय क्रांति की मेहनत और देश के लिए योगदान को सम्मान देने के रूप में लिया गया है।
मुख्यमंत्री ने यह भी ऐलान किया कि छतरपुर में एक विश्वस्तरीय स्टेडियम का निर्माण किया जाएगा, ताकि वहां से और भी “क्रांति” जैसी प्रतिभाएं उभर सकें। उन्होंने कहा कि राज्य को अपनी बेटियों पर गर्व है, और सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए हर संभव प्रयास करेगी।
क्रांति गौड़ की सफलता ने न केवल खेल जगत में एक नया अध्याय लिखा है, बल्कि यह उदाहरण भी पेश किया है कि एक बेटी की उपलब्धि पूरे परिवार और समाज को बदल सकती है। उनकी कहानी आज के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है, खासकर उन बेटियों के लिए जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखने का साहस करती हैं।
छतरपुर में अब इस स्टेडियम के निर्माण को लेकर उत्साह है, और स्थानीय लोग इसे क्रांति की “क्रांति” का परिणाम मान रहे हैं। यह पहल न केवल खेल को बढ़ावा देगी, बल्कि जिले के युवाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का मंच भी प्रदान करेगी।

