
30 अक्टूबर 2025 को भारतीय शेयर बाजारों में मिश्रित रुख देखने को मिला। जहां एक ओर कुछ सेक्टर्स में सकारात्मक खबरें थीं, वहीं दूसरी ओर बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स 500 अंक तक फिसल गया, जबकि निफ्टी भी 150 अंकों की गिरावट के साथ बंद हुआ। यह गिरावट ऐसे समय पर आई जब बाजार को अमेरिका से ब्याज दरों में नरमी और घरेलू कंपनियों के अच्छे तिमाही नतीजों जैसी खबरों से मजबूती मिलने की उम्मीद थी।
विश्लेषकों का कहना है कि निवेशकों ने गुड न्यूज के बावजूद प्रॉफिट बुकिंग शुरू कर दी, जिससे बाजार में दबाव बना। इसके अलावा, मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में बिकवाली, वैश्विक संकेतों की अनिश्चितता और डॉलर की मजबूती ने भी बाजार को कमजोर किया। हालांकि, इस गिरावट के बीच PB Fintech (Policybazaar) ने निवेशकों को राहत दी — कंपनी के शेयरों में 5% की उछाल दर्ज की गई। यह उछाल कंपनी के मजबूत तिमाही नतीजों और डिजिटल इंश्योरेंस सेगमेंट में बढ़ती हिस्सेदारी के चलते आया।
यह स्थिति दर्शाती है कि बाजार केवल खबरों पर नहीं, बल्कि निवेशकों की मनोवृत्ति और वैश्विक संकेतों पर भी निर्भर करता है। गुड न्यूज के बावजूद अगर निवेशक सतर्क हैं या मुनाफा बुक करना चाहते हैं, तो बाजार में गिरावट आ सकती है। PB Fintech जैसे स्टॉक्स में तेजी यह भी बताती है कि सेक्टर-विशिष्ट प्रदर्शन और कंपनी की रणनीति बाजार को प्रभावित करने में अहम भूमिका निभाती है।

