
राजनादगांव जिले के छुईखदान थाना क्षेत्र के झूरानदी गांव में एक बेहद सनसनीखेज और दुखद घटना सामने आई है। 13 वर्षीय नाबालिग लड़की ने कथित तौर पर ‘चोरनी’ कहे जाने पर आहत होकर अपने ही रिश्ते के दो मासूम भाई-बहन (2 और 4 वर्ष) को कुएं में धकेल दिया, जिससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना पूरे गांव को सदमे में डाल गई है और पुलिस जांच के बाद मामला उजागर हुआ।
पिता की शिकायत पर जब पुलिस ने जांच शुरू की, तो गांव की ही एक किशोरी को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि रिश्ते के भाई द्वारा चोरनी कहे जाने से वह मानसिक रूप से आहत हुई थी और गुस्से में आकर दोनों बच्चों को कुएं में धकेल दिया। 12 घंटे के भीतर पुलिस ने शव बरामद कर लिए और किशोरी को बाल न्याय अधिनियम के तहत कार्रवाई के लिए प्रस्तुत किया गया।
इस घटना ने बाल मानसिकता, पारिवारिक संवाद की कमी और सामाजिक व्यवहार पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि बच्चों के भीतर भावनात्मक संतुलन और संवाद कौशल विकसित करना बेहद जरूरी है, ताकि वे अपमान या गुस्से को हिंसक प्रतिक्रिया में न बदलें।
यह मामला केवल एक अपराध नहीं, बल्कि समाज के लिए चेतावनी है, कि बच्चों के साथ संवाद, सहानुभूति और मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देना अब अनिवार्य हो गया है। प्रशासन ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए गांव में काउंसलिंग और जागरूकता अभियान चलाने की योजना बनाई है।

