
छत्तीसगढ़ में आगामी चुनावों को देखते हुए निर्वाचन आयोग ने सुरक्षा और सुविधा को प्राथमिकता देते हुए प्रदेशभर में 2,828 नए मतदान केंद्र बढ़ाने का निर्णय लिया है। यह निर्णय विशेष रूप से उन इलाकों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, जहां अब तक मतदाताओं को मतदान केंद्र तक पहुंचने में लंबी दूरी और सुरक्षा जोखिम जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ता था। नए बूथों की स्थापना से ग्रामीण और हिंसाग्रस्त क्षेत्रों के मतदाताओं को मतदान में आसानी होगी और लोकतांत्रिक भागीदारी में बढ़ोतरी होने की उम्मीद है।
जानकारी के अनुसार, इन नए केंद्रों में से एक बड़ा हिस्सा माओवाद प्रभावित ज़िलों में स्थापित किया जाएगा। वहां अक्सर सुरक्षा कारणों से वोटिंग प्रतिशत कम रहता है। प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि यदि मतदान केंद्र नजदीक होंगे, तो स्थानीय लोगों का जुड़ाव और विश्वास दोनों बढ़ेगा। साथ ही, मतदान प्रक्रिया पर किसी भी बाहरी दबाव को रोकने में भी यह कदम प्रभावी साबित हो सकता है।
निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि इस विस्तार से मतदाताओं की संख्या के अनुपात में कर्मियों की तैनाती, सुरक्षा व्यवस्था और तकनीकी संसाधनों के प्रबंधन की चुनौती भी बढ़ेगी। इसके लिए पहले से ही प्रशिक्षण अभियान, सुरक्षा योजना और लॉजिस्टिक तैयारियाँ शुरू कर दी गई हैं। नई तकनीक और वीवीपैट आधारित मशीनों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी ताकि परिणाम अधिक पारदर्शी बनाए जा सकें।

