दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुए धमाके की जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं, जो देश की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े करते हैं। धमाके से 37 दिन पहले एक शादी समारोह में आतंकी मॉड्यूल की नींव रखी गई थी, जिसमें शामिल लोग पाकिस्तानी हैंडलर्स के संपर्क में थे। यह नेटवर्क कश्मीर, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और दिल्ली तक फैला हुआ था और इसमें व्हाइट कॉलर प्रोफेशनल्स जैसे डॉक्टर भी शामिल थे।
इस साजिश का पहला सुराग श्रीनगर के नौगाम इलाके में गुप्त रूप से लगाए गए जैश-ए-मोहम्मद के पोस्टरों से मिला। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने इन पोस्टरों की जांच के बाद एक बहु-राज्यीय आतंकी नेटवर्क का पर्दाफाश किया, जिसमें फरीदाबाद, सहारनपुर और अनंतनाग से जुड़े संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया। डॉक्टर आदिल अहमद, मुजम्मिल शकील और उमर मोहम्मद जैसे नाम सामने आए हैं, जिन्होंने शादी समारोह के दौरान संपर्क साधा और बाद में विस्फोटक सामग्री जुटाने की योजना बनाई।
अब तक 9 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं और 2,900 किलोग्राम से अधिक विस्फोटक बरामद किया गया है, जो इस साजिश की गंभीरता को दर्शाता है। फरीदाबाद में बारूद का जखीरा इकट्ठा किया गया था, जिसे दिल्ली में इस्तेमाल करने की योजना थी। जांच एजेंसियां अब इस नेटवर्क के विदेशी फंडिंग और डिजिटल कम्युनिकेशन चैनल्स की भी पड़ताल कर रही हैं।

