
दिल्ली में हुए हालिया धमाके की जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार इस घटना में शामिल आतंकियों के बीच लगभग 20 लाख रुपये को लेकर गंभीर विवाद चल रहा था। यह रकम कथित तौर पर धमाके की तैयारी और उससे जुड़ी गतिविधियों के लिए इकट्ठा की गई थी। जांच अधिकारियों का कहना है कि पैसों के बंटवारे और इस्तेमाल को लेकर आपसी मतभेद इतना बढ़ गया कि इसका असर उनकी योजनाओं पर भी पड़ा।
सूत्रों के मुताबिक, यह रकम विभिन्न चैनलों से जुटाई गई थी और इसका इस्तेमाल विस्फोटक सामग्री, लॉजिस्टिक्स और अन्य संसाधनों की व्यवस्था के लिए होना था। लेकिन रकम के बंटवारे पर सहमति न बनने से आतंकी गुटों में तनाव पैदा हो गया। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि धन का स्रोत कहाँ से आया और किसने इसे उपलब्ध कराया। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि पैसों के विवाद ने धमाके की रणनीति को किस हद तक प्रभावित किया।
विशेषज्ञों का मानना है कि आतंकी संगठनों के भीतर आर्थिक विवाद अक्सर उनकी योजनाओं को कमजोर कर देते हैं। दिल्ली धमाके के मामले में भी यही स्थिति सामने आई है, जहाँ पैसों की खींचतान ने आतंकी नेटवर्क की आंतरिक कमजोरी को उजागर कर दिया। फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां इस मामले में गहराई से जांच कर रही हैं और उम्मीद है कि आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े और भी अहम खुलासे होंगे।

