
दिल्ली के लाल किले के पास हुए भीषण कार ब्लास्ट को लेकर देशभर में जहां सुरक्षा एजेंसियां जांच में जुटी हैं, वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भूटान दौरे के दौरान इस घटना पर कड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “जो भी इस साजिश में शामिल है, उसे बख्शा नहीं जाएगा। दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाएगी।” यह बयान न केवल राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है, बल्कि आतंकी नेटवर्क को स्पष्ट चेतावनी भी देता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत की सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देना किसी भी साजिशकर्ता के लिए भारी पड़ेगा, और देश की एजेंसियां पूरी ताकत से जांच में जुटी हैं। उन्होंने यह भी जोड़ा कि आतंकवाद के खिलाफ भारत की नीति जीरो टॉलरेंस की रही है, और ऐसे कायराना हमलों को कभी सफल नहीं होने दिया जाएगा।
यह बयान ऐसे समय आया है जब NIA, दिल्ली पुलिस और अन्य जांच एजेंसियां धमाके की तह तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं। फरीदाबाद टेरर मॉड्यूल, डॉ. शाहीन की गिरफ्तारी, और जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े तार इस साजिश को अंतरराष्ट्रीय आतंकी नेटवर्क से जोड़ते हैं। UAPA के तहत मामला दर्ज किया गया है और DNA जांच, CCTV विश्लेषण, विस्फोटक की फॉरेंसिक रिपोर्ट जैसी कई स्तरों पर जांच जारी है।
प्रधानमंत्री का यह बयान न केवल जनता को भरोसा दिलाता है, बल्कि यह भी स्पष्ट करता है कि भारत की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी सूरत में छोड़ा नहीं जाएगा।

