
राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बने लालू प्रसाद यादव के दोनों बेटों—तेज प्रताप यादव और तेजस्वी यादव—एक बार फिर सुर्खियों में हैं। जानकारी के अनुसार, दोनों नेता पटना एयरपोर्ट पर एक ही समय पर नज़र आए, लेकिन दोनों के बीच ठंडा माहौल साफ देखा गया। लंबे समय से चली आ रही खटास की खबरों ने इस दृश्य को और अधिक चर्चा का विषय बना दिया। राजनीतिक पर्यवेक्षकों का कहना है कि भाई-भाई के बीच दूरी की खबरें पहले भी सामने आती रही हैं, लेकिन इस बार सार्वजनिक स्थान पर नजर आने वाला व्यवहार इन अटकलों को और हवा देता दिखाई दिया। एयरपोर्ट पर मौजूद लोगों का कहना है कि दोनों ने एक-दूसरे से दूरी बनाए रखी और किसी भी तरह की बातचीत नहीं की।
ऐतिहासिक रूप से, आरजेडी परिवार की आंतरिक समीकरण राज्य की राजनीति को सीधे प्रभावित करते हैं। खासकर तेजस्वी यादव पार्टी की कमान संभालने के कारण ज्यादा सक्रिय दिखते हैं, वहीं तेज प्रताप कई बार सख्त या विवादित बयान देकर सुर्खियाँ बटोरते रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यही अलग-अलग कार्यशैली दोनों के बीच मतभेद की वजह बनती है। एयरपोर्ट पर अप्रत्याशित मुलाकात होने के बावजूद दोनों का एक-दूसरे को अनदेखा करना यह संकेत देता है कि हालात पहले से ज्यादा संवेदनशील हो चुके हैं और परिवारिक संवाद में किसी प्रकार की सहजता नहीं दिख रही। एयरपोर्ट की इस स्थिति के बाद आरजेडी समर्थकों के बीच भी हलचल बढ़ गई है। पार्टी कार्यकर्ताओं और आम लोगों में यह सवाल उठ रहा है कि क्या आने वाले चुनावी दिनों में यह दूरी संगठन को कमजोर करेगी। कुछ समर्थकों ने सोशल मीडिया पर चिंता जताते हुए कहा कि पार्टी को मजबूत करने के लिए दोनों नेताओं का एकजुट होना बेहद जरूरी है। वहीं, दूसरी ओर कुछ हल्कों का यह भी कहना है कि बड़े राजनीतिक परिवारों में निजी और राजनीतिक विचारों का अलग-अलग होना सामान्य है, लेकिन सार्वजनिक मंच पर इसका प्रभाव विपक्ष को ताकत प्रदान करता है।

