
मध्य प्रदेश में एक सनसनीखेज दोहरे हत्याकांड के आरोपी को अदालत ने दोहरे आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। मामला उस वक्त सुर्खियों में आया था जब आरोपी ने अपनी पत्नी और उसके प्रेमी की बेरहमी से हत्या कर दी थी। अभियोजन पक्ष के अनुसार, आरोपी को अपनी पत्नी के अवैध संबंधों की जानकारी पहले से थी और उसने योजनाबद्ध तरीके से दोनों को मौत के घाट उतार दिया। यह वारदात समाज में रिश्तों और विश्वास के ताने-बाने को झकझोर देने वाली थी।
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने इसे ‘दुर्लभतम श्रेणी’ का अपराध मानते हुए आरोपी को दोहरे आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही, न्यायालय ने यह भी कहा कि आरोपी ने न केवल दो जिंदगियों को खत्म किया, बल्कि समाज में भय और असुरक्षा का माहौल भी पैदा किया। फैसले के दौरान पीड़ित पक्ष ने न्यायालय के निर्णय को न्याय की जीत बताया, जबकि अभियोजन ने इसे एक मिसाल करार दिया।
यह मामला एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करता है कि पारिवारिक विवादों और वैवाहिक विश्वासघात के मामलों में संवाद और कानून का सहारा लेना कितना ज़रूरी है, ताकि ऐसे जघन्य अपराधों से बचा जा सके। प्रशासन और समाज दोनों की जिम्मेदारी बनती है कि वे समय रहते ऐसे तनावों को पहचानें और समाधान की दिशा में कदम उठाएं।

