
मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में पुलिस भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं को सोशल मीडिया पर फर्जी वादों और जालसाजों से सावधान रहने की जरूरत है। हाल ही में सामने आए मामलों में कुछ ठग खुद को पुलिस अधिकारी या भर्ती एजेंट बताकर युवाओं को यह झांसा दे रहे हैं कि बिना परीक्षा या फिजिकल टेस्ट के सीधे कांस्टेबल की नौकरी दिला सकते हैं। इसके बदले वे 50,000 से 2 लाख रुपये तक की मांग कर रहे हैं और फर्जी नियुक्ति पत्र या फर्जी कॉल लेटर भेजकर भरोसा जीतने की कोशिश कर रहे हैं।
इन जालसाजों का नेटवर्क फेसबुक, व्हाट्सएप ग्रुप, इंस्टाग्राम और टेलीग्राम चैनलों पर सक्रिय है, जहां वे फर्जी विज्ञापन, पुराने भर्ती नोटिफिकेशन की क्लिपिंग और फोटोशॉप किए गए दस्तावेज साझा करते हैं। कई मामलों में युवाओं से आधार कार्ड, मार्कशीट और फोटो भी मंगवाए गए हैं, जिससे डेटा चोरी और पहचान की ठगी की आशंका भी बढ़ गई है। पुलिस विभाग ने स्पष्ट किया है कि कोई भी भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और मेरिट आधारित होती है, और बिना लिखित परीक्षा व फिजिकल टेस्ट के कोई नियुक्ति नहीं की जाती।
साइबर सेल और ATS ने ऐसे कई मामलों में जांच शुरू कर दी है और युवाओं से अपील की है कि वे किसी भी अनजान लिंक, कॉल या मैसेज पर भरोसा न करें। यदि कोई व्यक्ति इस तरह की पेशकश करता है तो तुरंत नजदीकी थाने या साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत करें। यह ठगी न केवल आर्थिक नुकसान पहुंचा रही है, बल्कि युवाओं के सपनों और आत्मविश्वास को भी चोट पहुंचा रही है।

