
मध्यप्रदेश के बालाघाट ज़िले के घने और दुर्गम कटेझिरिया जंगल क्षेत्र में सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच लगातार मुठभेड़ की घटनाएँ सामने आ रही हैं, जिसके चलते क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। स्थानीय पुलिस, सीआरपीएफ और स्पेशल फोर्स की संयुक्त टीम ने सोमवार सुबह तड़के इस इलाके में सर्च अभियान शुरू किया था। इस अभियान के दौरान सुरक्षाबलों की टीम पर माओवादी सदस्यों ने अचानक गोलाबारी शुरू कर दी, जिसके बाद दोनों ओर से जवाबी कार्रवाई हुई। जानकारी के अनुसार, लगभग 800 से अधिक जवान इस अभियान में सक्रिय रूप से मोर्चा संभाले हुए हैं और जंगल के कई हिस्सों को रणनीतिक रूप से घेरकर तलाशी की जा रही है।
कटेझिरिया जंगल इलाका पहाड़ी, पथरीला और घना होने के कारण सुरक्षा बलों के लिए चुनौतीपूर्ण माना जाता है। माओवादियों द्वारा अक्सर इसी प्रकार के जंगल क्षेत्रों में छिपकर हमले किए जाते हैं, जिससे सुरक्षा बलों ने विशेष सतर्कता अपनाई है। बताया जा रहा है कि इस अभियान में तकनीकी निगरानी, ड्रोन सर्विलांस और रात-दृष्टि उपकरणों का भी उपयोग किया जा रहा है, ताकि भाग रहे संदिग्धों पर नज़र रखी जा सके। सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, पिछले कई दिनों से माओवादियों की गतिविधियाँ इस इलाके में बढ़ी थीं और स्थानीय ग्रामीण भी दबाव में दिखाई दे रहे थे, जिसके बाद यह विशेष ऑपरेशन शुरू किया गया। पुलिस सूत्रों ने बताया कि सुरक्षा बलों ने जंगल के कई संवेदनशील ठिकानों का घेराव कर लिया है और भागने के रास्तों पर निगरानी बढ़ा दी गई है। अभियान में शामिल अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि जवानों को किसी भी संभावित ज़मीन-माइन या घात-लगाकर किए जाने वाले हमले से बचाने के लिए विशेष प्रशिक्षण के निर्देश जारी किए गए हैं। अभी तक किसी प्रकार की हताहतों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन क्षेत्र में लगातार गोलीबारी और विस्फोटक विस्फोट होने की खबरें सामने आई हैं। स्थानीय प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे जंगल की ओर न जाएँ और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

