
अक्टूबर 2025 में भारत ने गोल्ड निवेश के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (WGC) की रिपोर्ट के अनुसार, भारत ने इस महीने $850 मिलियन (लगभग ₹7,000 करोड़) का शुद्ध निवेश गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (Gold ETFs) में दर्ज किया, जिससे देश जापान और फ्रांस जैसे विकसित बाजारों को पीछे छोड़ते हुए दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा गोल्ड ETF निवेशक बन गया।
इस साल जनवरी से अक्टूबर तक भारत में गोल्ड ETF में कुल निवेश $3.05 बिलियन तक पहुंच चुका है, जो अब तक का सर्वाधिक वार्षिक निवेश है। इस उपलब्धि ने भारत को अमेरिका ($6.33 बिलियन) और चीन ($4.51 बिलियन) के बाद तीसरे स्थान पर ला खड़ा किया है। भारत का एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) अब $11.3 बिलियन तक पहुंच गया है, जो दर्शाता है कि निवेशकों का रुझान पारंपरिक सोने की खरीद से हटकर अब डिजिटल और सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर बढ़ रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह उछाल केवल सोने की कीमतों में वृद्धि के कारण नहीं है, बल्कि गोल्ड ETF की तरलता, पारदर्शिता, और टैक्स लाभ जैसे कारकों ने भी इसमें अहम भूमिका निभाई है। इसके अलावा, त्योहारों के मौसम में सोने की पारंपरिक मांग और दिवाली जैसे अवसरों पर निवेश की प्रवृत्ति ने भी इस ट्रेंड को बल दिया है।
दिलचस्प बात यह है कि 2022 में गोल्ड ETF में केवल $33 मिलियन का निवेश हुआ था, जो 2023 में बढ़कर $310 मिलियन और 2024 में $1.29 बिलियन हो गया। 2025 में यह आंकड़ा तीन गुना से अधिक बढ़ चुका है, जो दर्शाता है कि निवेशकों का भरोसा गोल्ड ETF में लगातार बढ़ रहा है।
हालांकि अक्टूबर में निवेश सितंबर की तुलना में 6% कम रहा, फिर भी यह लगातार पांचवां महीना था जब गोल्ड ETF में सकारात्मक प्रवाह दर्ज किया गया। मार्च और मई को छोड़कर 2025 के हर महीने में निवेशकों ने गोल्ड ETF में रुचि दिखाई है।

