
भोपाल के करोंद इलाके में स्थित टिंबर मार्केट में रविवार रात एक भीषण आग लग गई, जिसने पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मचा दी। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि रेलवे ट्रैक के पास तक फैल गईं, लेकिन इसके बावजूद ट्रेनें लगातार गुजरती रहीं, जिससे बड़ा हादसा टल गया। आग पर काबू पाने के लिए भोपाल नगर निगम, BHEL, एयरपोर्ट और सेना की 40 से ज्यादा दमकल गाड़ियों को मौके पर भेजा गया, जिन्होंने लगभग तीन घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग रात करीब 10 बजे लगी और कुछ ही मिनटों में टिंबर मार्केट की कई दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया। लकड़ी के गोदाम और फर्नीचर की दुकानों में मौजूद ज्वलनशील सामग्री के कारण आग तेजी से फैली। धुएं का गुबार इतना घना था कि आसपास की कॉलोनियों में सांस लेना मुश्किल हो गया। रेलवे ट्रैक से महज 50 मीटर की दूरी पर आग की लपटें पहुंच गई थीं, लेकिन रेलवे ने सतर्कता बरतते हुए ट्रेनों की गति धीमी कर दी और स्थिति पर नजर बनाए रखी।
फायर ब्रिगेड अधिकारियों के मुताबिक, आग पर काबू पाने में सबसे बड़ी चुनौती संकीर्ण गलियां और लकड़ी का भंडार था, जिससे लपटें बार-बार भड़क रही थीं। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन कई दुकानों और गोदामों में लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट को आग लगने का कारण माना जा रहा है, हालांकि फॉरेंसिक टीम को भी जांच के लिए बुलाया गया है।
यह घटना एक बार फिर दर्शाती है कि घनी बस्तियों और बाजारों में अग्नि सुरक्षा के मानकों का पालन कितना जरूरी है। प्रशासन ने अब टिंबर मार्केट और आसपास के क्षेत्रों में फायर सेफ्टी ऑडिट कराने की बात कही है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

