
भोपाल में एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जहाँ डिप्टी सीएम के निजी सहायक (PA) का मोबाइल फोन बदमाशों ने छीन लिया। पुलिस जांच में पता चला कि यह मोबाइल बाद में लखनऊ के एक अपराधी को बेच दिया गया। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ईरानी गैंग से जुड़े दो नाबालिगों को गिरफ्तार कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि यह गैंग लंबे समय से मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश में सक्रिय है और चोरी की वारदातों को अंजाम देकर मोबाइल और अन्य सामान बाहर के राज्यों में बेचता है।
पुलिस के अनुसार, घटना उस समय हुई जब डिप्टी सीएम के पीए शहर में अपने काम से बाहर निकले थे। तभी बदमाशों ने उन्हें निशाना बनाकर मोबाइल छीन लिया और फरार हो गए। जांच के दौरान तकनीकी साक्ष्यों और मोबाइल लोकेशन ट्रैकिंग से पता चला कि फोन लखनऊ में बेचा गया है। वहीं, गिरफ्तार किए गए दोनों नाबालिगों ने पूछताछ में कबूल किया कि वे ईरानी गैंग के लिए काम करते हैं और चोरी किए गए सामान को आगे सप्लाई करते हैं।
यह मामला न केवल राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है बल्कि यह भी दिखाता है कि संगठित अपराधी गिरोह अब नाबालिगों को भी अपने नेटवर्क में शामिल कर रहे हैं। पुलिस का कहना है कि इस गैंग के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है और जल्द ही बड़े खुलासे हो सकते हैं। फिलहाल, बरामद मोबाइल को जब्त कर लिया गया है और आरोपियों को किशोर न्याय अधिनियम के तहत कार्रवाई के लिए भेजा गया है।

