
भोपाल – मध्य प्रदेश की राजधानी में साइबर अपराधियों ने एक सीनियर अधिवक्ता को निशाना बनाते हुए उन्हें डिजिटल बंधक बना लिया और उनसे 10 लाख रुपये की मांग की। यह घटना कोहेफिजा क्षेत्र की हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में रहने वाले 75 वर्षीय वरिष्ठ वकील के साथ हुई, जिन्हें एक वीडियो कॉल के माध्यम से धमकाया गया कि वे जम्मू-कश्मीर के पहलगाम आतंकी हमले में शामिल हैं।
ठगों ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताकर अधिवक्ता को डराया और कहा कि उनके खिलाफ देशद्रोह और आतंकी गतिविधियों का मामला दर्ज किया जा रहा है। इसके बाद उन्हें एक वीडियो कॉल पर 6 घंटे तक बैठाए रखा गया, जिसमें उन्हें लगातार निर्देश दिए गए कि वे किसी से संपर्क न करें और मोबाइल पर निगरानी रखी गई। इस दौरान उनसे 10 लाख रुपये की फिरौती मांगी गई, जिसे उन्होंने देने से इनकार कर दिया।
अधिवक्ता ने साहस दिखाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद साइबर सेल ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की है। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि ठगों ने फर्जी दस्तावेज और वीडियो कॉल के माध्यम से मानसिक दबाव बनाकर अधिवक्ता को डिजिटल रूप से बंधक बनाया। यह घटना भोपाल में डिजिटल अरेस्ट की बढ़ती प्रवृत्ति की एक और मिसाल है, जिसमें पहले भी कई वरिष्ठ नागरिक और रिटायर्ड अधिकारी ठगे जा चुके हैं।
यह मामला साइबर सुरक्षा और डिजिटल जागरूकता की गंभीर आवश्यकता को रेखांकित करता है। वरिष्ठ नागरिकों को ऐसे मामलों में सतर्क रहने की सलाह दी गई है और पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी अनजान कॉल या वीडियो कॉल पर व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें।

