brandwaani.in

🕒 --:--:--
---
ब्रांडवाणी समाचार
Gold (10g) ₹-- --
Silver (1kg) ₹-- --
Weather
Loading Data...

भ्रष्टाचार बनाम नियम का जाल: विकास की बलि चढ़ती मध्यप्रदेश की जनता और व्यापारी ?

अधिकारी चाहेईमानदारहों याभ्रष्ट‘, पिस रही है जनता; नियमों की आड़ में विकास पर लगा ब्रेक

भोपाल। मध्यप्रदेश के प्रशासनिक गलियारों में इन दिनों एक नई बहस छिड़ गई है। मुख्य सचिव अनुराग जैन के हालिया संदर्भों और मुख्यमंत्री की मंशा के बीच एक कड़वी सच्चाई उभर कर सामने आई है। प्रदेश में यह धारणा प्रबल होती जा रही है कि व्यवस्था दो पाटों के बीच फंसी हैएक तरफ वह वर्ग है जो बिनासुविधा शुल्कके फाइल आगे नहीं बढ़ाता, और दूसरी तरफ वे अधिकारी हैं जोईमानदारीका चोला ओढ़कर नियमों की ऐसी पेचीदगियों में उलझे हैं कि काम होना ही बंद हो गया है।

ईमानदारी या कार्यहीनता?

 प्रदेश के व्यापारियों और आम नागरिकों का दर्द यह है कि भ्रष्टाचार तो एक समस्या थी ही, लेकिन अबनियमों की आड़में काम रोकना सबसे आसान तरीका बन गया है। एक ईमानदार अधिकारी यदि नियमों का हवाला देकर महीनों तक फाइलों को दबाए रखता है, तो क्या उसे वास्तव में जनहितकारी माना जा सकता है? विकास के लिए गति अनिवार्य है, लेकिन वर्तमान व्यवस्था मेंईमानदारी का ढिंढोराअक्सर निर्णय लेने की अक्षमता को छिपाने का ढाल बन गया है।

व्यापारी वर्ग बेहाल, थम गई विकास की रफ्तार

मध्यप्रदेश के आर्थिक विकास की रीढ़ माने जाने वाले व्यापारी आज प्रशासनिक उदासीनता का शिकार हैं। सिस्टम में सहयोग के बजाय अड़ंगेबाजी की संस्कृति पनप रही है। जानकारों का कहना है कि सिर्फ स्वच्छ छवि का होना पर्याप्त नहीं है; एक अधिकारी की असली सफलता इस बात में है कि वह नियमों के दायरे में रहकर जनता और व्यापारियों के काम को कितनी सुगमता और गति से पूरा करता है।

व्यवस्था में आमूलचूल परिवर्तन की जरूरत

मध्यप्रदेश को केवलनियमों के रक्षकोंकी नहीं, बल्किसमाधान देने वाले अधिकारियोंकी आवश्यकता है। यदि नियम विकास में बाधा बन रहे हैं, तो उनमें सुधार होना चाहिए। भ्रष्टाचार और कार्यहीनता (Inaction) दोनों ही प्रदेश के भविष्य के लिए घातक हैं। जब तक अधिकारी जनता के प्रति जवाबदेह होकर काम को गति नहीं देंगे, तब तक विकास की बातें केवल कागजी ही रहेंगी।

  • Related Posts

    सागर कलेक्टर संदीप जीआर की बढ़ी मुश्किलें: 25 लाख के निजी काम और बिल रोकने के गंभीर आरोप, क्या गिरेगी गाज?

    सागर, मध्य प्रदेश: मध्य प्रदेश के प्रशासनिक गलियारों में इन दिनों भारी हलचल है। अशोकनगर और सिंगरौली कलेक्टरों पर हुई हालिया कार्रवाई के बाद अब सागर कलेक्टर संदीप जीआर (Sagar Collector Sandeep GR)…

    Read more

    आगे पढ़े
    विश्व हिंदू सम्मेलन: “हम किसी के विरोध में नहीं, राष्ट्र की एकता के सूत्रधार हैं” — विमल गुप्ता जी

    भोपाल में आयोजित सम्मेलन में मध्य प्रांत के प्रांत प्रचारक ने राष्ट्र निर्माण और सामाजिक समरसता का दिया मंत्र भोपाल। राजधानी भोपाल में संपन्न हुए ‘विश्व हिंदू सम्मेलन‘ के समापन अवसर पर राष्ट्रीय…

    Read more

    आगे पढ़े

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *