
मध्य प्रदेश कांग्रेस में अंदरूनी कलह अब सार्वजनिक मंचों पर खुलकर सामने आ रही है। पार्टी के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह और कमलनाथ के खिलाफ नए नेताओं द्वारा खुलेआम विरोध जताने और अपशब्द कहने की घटनाओं ने संगठन को असहज स्थिति में ला दिया है। यह विवाद न केवल नेतृत्व संकट को उजागर कर ता है, बल्कि आगामी रणनीतियों और एकजुटता पर भी सवाल खड़े करता है। इंदौर शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे की एक ऑडियो क्लिप सामने आई है जिसमें उन्होंने दिग्विजय सिंह के लिए आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया। यह क्लिप पचमढ़ी में चल रहे प्रशिक्षण शिविर के दौरान वायरल हुई, जिससे पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में नाराजगी फैल गई। इस क्लिप में कथित तौर पर वरिष्ठ नेताओं को “बुजुर्गों की राजनीति” कहकर अपमानित किया गया। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह और कमलनाथ दोनों इस घटनाक्रम से आहत हैं। दिग्विजय सिंह ने इस मामले में पार्टी नेतृत्व से सख्त कार्रवाई की मांग की है, जबकि कमलनाथ ने इसे अनुशासनहीनता करार दिया है। दोनों नेताओं ने स्पष्ट किया है कि पार्टी में इस तरह की भाषा और व्यवहार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

