
मध्य प्रदेश में युवाओं के लिए रोजगार का बड़ा अवसर सामने आया है। मुख्यमंत्री ने घोषणा की है कि राज्य के जनजातीय कार्य विभाग में अगले साल लगभग 5000 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। यह भर्ती विशेष रूप से जनजातीय क्षेत्रों के विकास और शिक्षा-स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए की जा रही है। सरकार का कहना है कि इस कदम से न केवल युवाओं को रोजगार मिलेगा बल्कि जनजातीय समुदायों को भी बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।
सीएम ने स्पष्ट किया कि भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी और मेरिट आधारित होगी। इसके लिए विभागीय स्तर पर विस्तृत योजना तैयार की जा रही है। नियुक्तियों में स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी ताकि वे अपने ही क्षेत्रों में सेवा दे सकें। इससे जनजातीय इलाकों में प्रशासनिक और सामाजिक ढांचे को मजबूती मिलेगी। साथ ही, सरकार का मानना है कि यह कदम प्रदेश में बेरोजगारी दर को कम करने में भी सहायक होगा।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह घोषणा आगामी चुनावी माहौल में भी अहम साबित हो सकती है। जनजातीय क्षेत्र मध्य प्रदेश की राजनीति में निर्णायक भूमिका निभाते हैं और वहां रोजगार व विकास से जुड़ी घोषणाएं सीधे तौर पर जनता को प्रभावित करती हैं। विपक्ष ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि सरकार को केवल घोषणा नहीं, बल्कि समय पर भर्ती प्रक्रिया पूरी करनी चाहिए। वहीं युवाओं में इस ऐलान को लेकर उत्साह देखा जा रहा है और वे इसे अपने भविष्य के लिए सकारात्मक कदम मान रहे हैं।

