
मध्य प्रदेश में नवंबर की शुरुआत से ही सर्दी ने अपना तीखा रूप दिखाना शुरू कर दिया है, और अब हालात ऐसे हैं कि इंदौर, भोपाल, जबलपुर, उज्जैन, सीहोर, शाजापुर, रीवा, शहडोल, राजगढ़, देवास, सतना और छतरपुर जैसे जिलों में तीव्र शीतलहर का असर महसूस किया जा रहा है। मौसम विभाग ने इन जिलों में कोल्ड वेव अलर्ट जारी किया है, जिससे लोगों को सुबह और रात के समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों—जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड—में जारी बर्फबारी का असर अब सीधे मध्य प्रदेश पर पड़ रहा है। उत्तरी हवाएं प्रदेश में तेजी से प्रवेश कर रही हैं, जिससे तापमान में अचानक गिरावट दर्ज की गई है। भोपाल में न्यूनतम तापमान 8°C और इंदौर में 7°C तक पहुंच गया है, जो पिछले 10 से 25 वर्षों में नवंबर माह का सबसे कम तापमान है। राजगढ़ में तो लगातार चौथी रात प्रदेश का सबसे कम तापमान रिकॉर्ड किया गया है।
दिन के समय भी ठंडक का असर बढ़ता जा रहा है। अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से नीचे बना हुआ है, जिससे दिन में भी गर्म कपड़ों की जरूरत महसूस हो रही है। ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में नमी के कारण सुबह के समय घना कोहरा देखने को मिल रहा है। इंदौर के शिवजी मार्केट जैसे इलाकों में ऊनी कपड़ों की दुकानों पर भीड़ बढ़ गई है, जो इस मौसम के असर को दर्शाता है।
मौसम विभाग का अनुमान है कि 10 से 16 नवंबर के बीच प्रदेश में शीतलहर का प्रभाव और तेज हो सकता है। ऐसे में बुजुर्गों, बच्चों और बीमार व्यक्तियों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग को भी अलर्ट मोड पर रखा है ताकि ठंड से संबंधित बीमारियों से निपटा जा सके।

