
मिर्जापुर के चुनार रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार की सुबह एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जब हावड़ा-कालका मेल ट्रेन की चपेट में आने से छह श्रद्धालुओं की मौके पर ही मौत हो गई। स्थानीय जानकारी के अनुसार, ये लोग धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने के बाद लौट रहे थे और रेलवे लाइन पार करते समय हादसा हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि ट्रेन काफी तेज रफ्तार में थी और अचानक सामने आने से चालक को ब्रेक लगाने का मौका तक नहीं मिला। घटना के बाद स्टेशन पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जिसके बाद बड़ी संख्या में लोग मौके पर इकट्ठा हो गए और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए रेलवे सुरक्षा बल तथा स्थानीय पुलिस को तुरंत तैनात किया गया।
हादसे के बाद रेलवे प्रशासन के संचालन और सुरक्षा मानकों पर सवाल उठने लगे हैं। लोग यह पूछ रहे हैं कि जब चुनार स्टेशन पर पैदल पार पथ और फुटओवर ब्रिज की सुविधा मौजूद है, तो फिर यात्रियों को खुले ट्रैक पार करने से रोकने के लिए पर्याप्त सतर्कता और जागरूकता क्यों नहीं दिखाई जाती। कई स्थानीय लोगों का यह भी आरोप है कि रेलवे स्टेशन पर बार-बार सफाई के बावजूद सुरक्षा जागरूकता के बोर्ड और एनाउंसमेंट पर्याप्त संख्या में नहीं होते हैं, जिससे यात्रियों को ट्रैक पार करने के खतरे की जानकारी समय-समय पर नहीं मिल पाती। रेलवे अधिकारियों ने बयान जारी करते हुए कहा है कि इस मामले की जांच शुरू कर दी गई है और सुरक्षा व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाया जाएगा।

