
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की एक तस्वीर इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब चर्चा में है, जिसमें वे भगवान श्रीकृष्ण की मूर्ति के सामने भावविभोर मुद्रा में खड़े दिखाई दे रहे हैं। यह तस्वीर न केवल उनके धार्मिक और आध्यात्मिक झुकाव को दर्शाती है, बल्कि यह भी संकेत देती है कि ‘मोहन’ के मन में वास्तव में ‘मोहन’ यानी श्रीकृष्ण बसे हुए हैं। तस्वीर में डॉ. यादव की आंखों में श्रद्धा और चेहरे पर भक्ति की झलक साफ देखी जा सकती है, जिसने आम लोगों के मन को भी मोह लिया है।
यह दृश्य उज्जैन के महाकाल लोक या किसी मंदिर परिसर का बताया जा रहा है, जहां मुख्यमंत्री ने पूजा-अर्चना के दौरान भगवान श्रीकृष्ण की प्रतिमा के सामने कुछ क्षण ध्यानस्थ होकर बिताए। तस्वीर के वायरल होते ही सोशल मीडिया पर लोग इसे ‘मोहन का मोहन से मिलन’ कहकर भावनात्मक प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कई यूजर्स ने इसे मुख्यमंत्री की धार्मिक चेतना और सांस्कृतिक जुड़ाव का प्रतीक बताया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि डॉ. मोहन यादव का यह भावुक पक्ष उन्हें जनता के और करीब लाता है, खासकर उन वर्गों से जो धर्म और संस्कृति को जीवन का अभिन्न हिस्सा मानते हैं। यह तस्वीर एक नेता के भीतर छिपे आध्यात्मिक नागरिक को सामने लाती है, जो सत्ता से परे भी अपने मूल संस्कारों से जुड़ा हुआ है।

