
उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करने वाली घटना सामने आई है। जानकारी के अनुसार, दुष्कर्म के आरोपी को पुलिस ने सही धाराओं में कार्रवाई करने के बजाय तमंचा रखने के आरोप में जेल भेज दिया। इस लापरवाही का मामला सामने आते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) ने सख्त रुख अपनाया और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की।
SSP ने जांच के बाद पाया कि आरोपी पर गंभीर अपराध का केस दर्ज होना चाहिए था, लेकिन संबंधित पुलिसकर्मियों ने उसे हल्के मामले में जेल भेज दिया। इस चूक को गंभीर मानते हुए SSP ने दो दारोगा समेत तीन पुलिसकर्मियों को तत्काल निलंबित कर दिया। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की लापरवाही न केवल कानून-व्यवस्था को कमजोर करती है बल्कि पीड़ित पक्ष को भी न्याय से वंचित करती है।
इस घटना ने पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जरूरी है ताकि भविष्य में कोई अधिकारी अपराधियों को बचाने या मामले को हल्का करने की कोशिश न कर सके। SSP की कार्रवाई से संदेश गया है कि किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और कानून का पालन सुनिश्चित करना ही पुलिस की पहली जिम्मेदारी है।

