
मध्य प्रदेश में मौसम ने अचानक करवट ली है और ठंड ने समय से पहले दस्तक दे दी है। राजगढ़ में न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन का सबसे कम तापमान है। हैरानी की बात यह है कि पर्यटन स्थल पचमढ़ी से भी भोपाल अधिक ठंडा रहा, जहां तापमान 11 डिग्री के आसपास रहा। राजधानी भोपाल में सुबह-सुबह ठंडी हवाओं और कोहरे ने लोगों को गर्म कपड़े पहनने पर मजबूर कर दिया।
इंदौर में भी मौसम ने रिकॉर्ड तोड़ दिया, जहां पिछले 10 वर्षों में नवंबर के पहले सप्ताह में इतनी ठंड नहीं पड़ी थी। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 5 दिनों तक राज्य में बारिश की कोई संभावना नहीं है, जिससे तापमान में और गिरावट आने की आशंका है। दिन में धूप निकलने के बावजूद सुबह और रात के समय ठिठुरन बनी हुई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तर भारत से आ रही सर्द हवाएं और स्थानीय मौसमीय दबाव के कारण मध्य प्रदेश में ठंड ने समय से पहले असर दिखाना शुरू कर दिया है। किसान वर्ग के लिए यह मौसम अनुकूल माना जा रहा है, लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बुजुर्गों और बच्चों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है, क्योंकि अचानक आई ठंड से सर्दी-जुकाम और वायरल संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है।

