
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में शनिवार को एक दर्दनाक हादसा हुआ जिसने पुलिस विभाग की कार्यशैली और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना में एक सहायक उप निरीक्षक (ASI), जो कथित रूप से शराब के नशे में था, ने अपनी तेज रफ्तार कार से दो बाइकों को टक्कर मार दी। पहली टक्कर में एक शिक्षक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरी बाइक पर सवार एक परिवार—जिसमें दो छोटे बच्चे भी शामिल थे—गंभीर रूप से घायल हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसा इतना भयावह था कि आसपास मौजूद लोग तुरंत मदद के लिए दौड़े और आरोपी पुलिसकर्मी को पकड़कर स्थानीय थाने के हवाले कर दिया। प्रारंभिक जांच में पुष्टि हुई है कि ASI नशे की हालत में वाहन चला रहा था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और उसे निलंबित कर दिया गया है। इस घटना ने आम नागरिकों में आक्रोश पैदा कर दिया है और यह सवाल उठने लगे हैं कि क्या पुलिस विभाग में शराब सेवन और अनुशासनहीनता पर पर्याप्त नियंत्रण है। पीड़ित परिवारों ने न्याय और मुआवजे की मांग की है, जबकि सामाजिक संगठनों ने पुलिस सुधारों की आवश्यकता पर जोर दिया है। यह हादसा न केवल एक परिवार की जिंदगी बदल गया, बल्कि यह भी दिखाता है कि कानून के रक्षक जब खुद कानून तोड़ते हैं, तो समाज कितना असुरक्षित हो सकता है।

