
नई दिल्ली: आज (1 दिसंबर 2025) से Parliament Winter Session 2025 का आरंभ हो गया है, जो 19 दिसंबर तक चलेगा।
इस सत्र के पहले ही दिन से राजनीतिक गर्माहट नजर आ रही है, क्योंकि विपक्ष ने अपनी रणनीति तैयार कर ली है।
विपक्षी दल इस बार Special Intensive Revision (SIR) और Booth Level Officer (BLO) से जुड़ी कथित आत्महत्या-मौतों को प्रमुखता से उठाने की तैयारी में हैं। वे आरोप लगा रहे हैं कि मतदाता सूची के इसी पुनरीक्षण अभियान (SIR) के दबाव में BLOs पर असहनीय काम और मानसिक तनाव थोपे जा रहे हैं — कई राज्यों में BLOs के आत्महत्या-मौत की खबरें सामने आई हैं।
विपक्ष का कहना है कि SIR प्रक्रिया में जल्दबाज़ी, अधूरे प्रबंध, असमय लक्ष्य तय करना और दबाव बढ़ाना लोकतांत्रिक मूल्यों और चुनावी निष्पक्षता के लिए खतरनाक है। वे इस सत्र में इसे संसद की जद में लाकर बहस कराने पर जोर दे रहे हैं।
दूसरी ओर, सरकार व उससे जुड़े पक्षों का कहना है कि SIR को प्रबंधित तरीके से लागू किया जा रहा है। लेकिन BLO आत्महत्या-मौतों की बढ़ती संख्या और विपक्षी दलों की ओर से दिए जा रहे दिखाए जा रहे प्रमाणों ने इस सत्र को पहले दिन से ही विवाद-भरा बना दिया है।
अब देखना है कि संसद में SIR-BLO मामले और अन्य महत्वपूर्ण विधेयकों (जैसे दिवाला-कानून, बीमा, एटॉमिक बिल आदि) पर बहस होगी या सत्र विवादों में फँस जाएगा।

