उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में सड़क हादसों में लगातार हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। परिवहन विभाग और ट्रैफिक पुलिस की संयुक्त रिपोर्ट के आधार पर जिले में 10 नए ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए जा रहे हैं, जहाँ सड़क दुर्घटनाओं का खतरा अत्यधिक पाया गया है। जानकारी के मुताबिक, केवल अक्टूबर महीने में ही 51 लोगों ने सड़क हादसों में अपनी जान गंवाई, जबकि दर्जनों गंभीर रूप से घायल हुए। इसके बाद प्रशासनिक स्तर पर समीक्षा बैठक की गई, जिसमें सड़क सुरक्षा के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाने का निर्णय लिया गया। इन ब्लैक स्पॉट पर सड़क चौड़ीकरण, स्पीड ब्रेकर, साइन बोर्ड, डिवाइडर, रिफ्लेक्टर और चेतावनी चिह्न लगाए जाएंगे ताकि वाहन चालकों को समय रहते खतरे की जानकारी मिल सके। साथ ही, स्थानीय थानों को निर्देश दिए गए हैं कि ऐसे संवेदनशील इलाकों में नियमित पेट्रोलिंग और स्पीड चेकिंग की जाए। विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ती जनसंख्या, तेज रफ्तार और ट्रैफिक नियमों की अनदेखी सड़क दुर्घटनाओं का मुख्य कारण है। वहीं, प्रशासन ने जागरूकता अभियान चलाने का निर्णय भी लिया है, जिसमें स्कूल–कॉलेज और ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को यातायात नियमों के बारे में जानकारी दी जाएगी। स्थानीय नागरिकों ने भी इन कदमों का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि इससे हादसों में कमी आएगी। सड़क सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि आने वाले समय में जिलेभर की सड़कों की मैपिंग की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर और भी ब्लैक स्पॉट जोड़े जा सकते हैं, ताकि यात्रियों की जान बचाई जा सके और यातायात व्यवस्था सुदृढ़ हो सके।

