
इंदौर पुलिस की एक बड़ी चूक ने न्यायिक व्यवस्था को झकझोर कर रख दिया है। राशन के चावल की कालाबाजारी के मामले में जेल में बंद आरोपी की जमानत याचिका खारिज करवाने के लिए पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट में झूठा शपथ पत्र दाखिल किया। इस गंभीर लापरवाही पर सुप्रीम कोर्ट ने इंदौर के एडिशनल DCP दिशेष अग्रवाल और चंदन नगर थाना प्रभारी इंद्रमणि पटेल को तलब किया है। अक्टूबर 2024 में चंदन नगर पुलिस ने आरोपी अनवर हुसैन के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम, जालसाजी और फर्जी रिकॉर्ड बनाने जैसी धाराओं में मामला दर्ज किया था। जिला अदालत और हाई कोर्ट से जमानत याचिका खारिज होने के बाद आरोपी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की। सुनवाई के दौरान शासन की ओर से दाखिल शपथ पत्र में दावा किया गया कि अनवर हुसैन के खिलाफ आठ अन्य गंभीर मामले दर्ज हैं, जिनमें दुष्कर्म जैसे अपराध भी शामिल हैं।
लेकिन जब सुप्रीम कोर्ट ने इन तथ्यों की जांच कराई, तो सामने आया कि आरोपी के खिलाफ केवल चार मामले दर्ज हैं, जिनमें से दो में वह पहले ही बरी हो चुका है। इस झूठी जानकारी को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए दोनों पुलिस अधिकारियों को नोटिस जारी किया और पूछा कि उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों न की जाए।

