
नवंबर 2025 में सोने और चांदी की कीमतों में जबरदस्त गिरावट दर्ज की गई है, जिसने निवेशकों और ज्वेलरी कारोबारियों को चौंका दिया है। बीते 14 दिनों में 24 कैरेट सोना ₹10,000 प्रति 100 ग्राम तक सस्ता हुआ है, जबकि चांदी ₹21,000 प्रति किलोग्राम तक फिसल गई है। यह गिरावट दिवाली के बाद आई है, जब आमतौर पर मांग स्थिर रहती है, लेकिन इस बार वैश्विक बाजार में कमजोरी और डॉलर की मजबूती ने कीमती धातुओं की चमक फीकी कर दी।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह गिरावट कई अंतरराष्ट्रीय कारकों से जुड़ी है—जैसे अमेरिका में ब्याज दरों की संभावित बढ़ोतरी, डॉलर इंडेक्स में मजबूती, और वैश्विक निवेशकों की जोखिम से बचने की प्रवृत्ति। भारत में भी आयात शुल्क और घरेलू मांग में कमी ने इस गिरावट को और तेज किया। बेंगलुरु, दिल्ली, मुंबई और चेन्नई जैसे शहरों में सोने की कीमतें ₹1,22,000 से नीचे आ गईं, जबकि चांदी ₹1,52,000 प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई।
इस गिरावट ने निवेशकों के लिए शॉर्ट टर्म सेलिंग का अवसर जरूर पैदा किया है, लेकिन साथ ही यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या यह सिर्फ एक तकनीकी करेक्शन है या फिर लंबी अवधि की मंदी की शुरुआत। कई वित्तीय विश्लेषकों का मानना है कि यह समय सावधानीपूर्वक खरीदारी का हो सकता है, खासकर उन लोगों के लिए जो दीर्घकालिक निवेश की योजना बना रहे हैं। वहीं, ज्वेलरी उद्योग को उम्मीद है कि आगामी शादी सीजन में मांग फिर से बढ़ेगी और कीमतें स्थिर होंगी।

