
अगर आपने कभी फ्लाइट से सफर किया है, तो आपने यह जरूर महसूस किया होगा कि लैंडिंग से ठीक पहले विमान कभी-कभी सीधे नीचे उतरने के बजाय आसमान में गोल-गोल चक्कर लगाने लगता है। यात्रियों के मन में अक्सर यह सवाल उठता है कि क्या विमान में कोई तकनीकी खराबी है या कोई आपात स्थिति है? लेकिन हकीकत इससे बिल्कुल अलग है।
दरअसल, यह प्रक्रिया “होल्डिंग पैटर्न” कहलाती है। जब किसी एयरपोर्ट पर एक साथ कई विमानों की लैंडिंग निर्धारित होती है, तो एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) द्वारा विमानों को कुछ समय तक हवा में ही चक्कर लगाने का निर्देश दिया जाता है। इसका उद्देश्य रनवे को खाली रखना और लैंडिंग को सुरक्षित बनाना होता है।
इसके अलावा, खराब मौसम, कम दृश्यता, या रनवे पर किसी अन्य विमान की मौजूदगी भी होल्डिंग पैटर्न की वजह बन सकती है। इस दौरान पायलट को निर्देश दिया जाता है कि वह एक निश्चित ऊंचाई और दिशा में उड़ान भरता रहे, जब तक कि उसे सुरक्षित लैंडिंग की अनुमति न मिल जाए।
यह एक सामान्य और नियंत्रित प्रक्रिया है, जो यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अपनाई जाती है। पायलट और ATC के बीच लगातार संपर्क बना रहता है, और जैसे ही स्थिति अनुकूल होती है, विमान को लैंडिंग की अनुमति दे दी जाती है।

