
देश में हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए जल्द ही बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। नागरिक उड्डयन मंत्रालय और डीजीसीए (DGCA) यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए नए नियम लागू करने की तैयारी में हैं। प्रस्तावित बदलावों के तहत एयरलाइंस को टिकट कैंसिलेशन के बदले भारी शुल्क लेने से रोका जाएगा और यात्रियों को निर्धारित समय सीमा में फ्री टिकट कैंसिलेशन की सुविधा दी जा सकती है। इतना ही नहीं, टिकट कैंसिल होने पर रिफंड राशि 21 दिनों के भीतर सीधे यात्री के खाते में जमा करने की व्यवस्था भी लागू करने की बात कही जा रही है।
इन प्रस्तावों पर विचार इसलिए किया जा रहा है क्योंकि पिछले कुछ वर्षों से यात्रियों की ओर से कैंसिलेशन चार्ज और रिफंड में देरी को लेकर लगातार शिकायतें सामने आती रही हैं। कई एयरलाइंस टिकट रद्द होने पर अलग-अलग शुल्क लगाती हैं, जिससे यात्रियों को टिकट कीमत का बड़ा हिस्सा गंवाना पड़ता है। नई नीति लागू होने के बाद इस अव्यवस्था पर नियंत्रण पाया जा सकेगा और यात्री संतोष बढ़ेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे एयरलाइन सेवाओं की पारदर्शिता भी बढ़ेगी और कंपनियों को अपनी नीतियों में सुधार करना होगा। इन बदलावों के प्रस्ताव में यह भी विचार किया गया है कि एयरलाइंस अगर किसी कारणवश फ्लाइट रद्द करती हैं, तो यात्री को बिना किसी निर्धारण के पूरा पैसा वापस मिल सकेगा, साथ ही वैकल्पिक फ्लाइट विकल्प भी दिए जाएँगे। यह कदम यात्रियों के हित में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि कई बार तकनीकी गड़बड़ी या मौसम कारणों से फ्लाइट रद्द होने पर यात्री असहाय महसूस करते हैं। रिफंड प्रक्रिया और ट्रैकिंग को भी डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से पारदर्शी बनाना प्रस्तावित है।

