
आज की तेज़-रफ़्तार लाइफस्टाइल में कानों की सेहत पर ध्यान देना पहले से ज्यादा ज़रूरी हो गया है। बहुत से लोग सिर्फ हेडफोन, लाउडस्पीकर या शोर-शराबे वाले माहौल के कारण अपनी सुनने की शक्ति गंवा लेते हैं — लेकिन समस्या सिर्फ इतनी ही नहीं है। विशेषज्ञों के अनुसार, हियरिंग लॉस (श्रवण क्षमता में कमी) के कई कारण होते हैं, जिनसे बचकर ही आपकी सुनने की क्षमता सुरक्षित रहेगी।
🔎 हियरिंग लॉस के 14 सामान्य कारण
तेज़ आवाज़ / लाउड शोर — लगातार ज़्यादा आवाज़ सुनने से कानों के संवेदनशील हिस्से (inner ear) को नुकसान हो सकता है।
हेडफोन या ईयरबड्स का ज़्यादा उपयोग — लंबे समय तक हेडफोन लगाने और आवाज़ ऊँची रखने से inner ear damage हो सकता है।अक्सर लाउडस्पीकर या पब्लिक शोर में रहना — बार-बार शोर में रहने से कानों पर असर पड़ता है।
कान में वैक्स build-up या इंफेक्शन — कान के अंदर मैल या संक्रमण के कारण सुनने की क्षमता घट सकती है।
कान या सिर में चोट (injury / trauma) — head injury या ear injury भी सुनने में कमजोरी ला सकती है।
उम्र बढ़ना / Age-related hearing loss — उम्र के साथ सुनने की शक्ति धीरे-धीरे कम हो सकती है।
कुछ दवाइयाँ या ototoxic drugs — कुछ दवाइयाँ ऐसी होती हैं, जो कानों को नुकसान पहुंचा सकती हैं।
दीर्घकालिक शोर — फैक्ट्री, मशीनरी, construction वगैरह — लगातार industrial noise से कान प्रभावित हो सकते हैं।

